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2026-07-23

ईओडब्ल्यू ने एक फ्लैट का दो बार सौदा करने के आरोप में बिल्डर, पुत्र समेत तीन पर मामला दर्ज किया

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

ईओडब्ल्यू ने पुराने फ्लैट विवाद का समझौता कराने के नाम पर दोबारा धोखाधड़ी करने के प्रयास के आरोप में एक बिल्डर सहित तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में अनवर बेग, उनके बेटे अदनान बेग और फारूख खान शामिल हैं। ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक युवक से ऐसे फ्लैट की रजिस्ट्री और कब्जा दिलाने का अनुबंध किया, जिसे पहले ही दूसरे व्यक्ति को बेचा जा चुका था। इस मामले में पहले से आपराधिक प्रकरण भी दर्ज था। शुरुआती जांच में इन तथ्यों को छिपाकर नया अनुबंध कराने के आरोप सही पाए जाने पर ईओडब्ल्यू ने यह प्रकरण दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है और जरूरी दस्तावेजों का परीक्षण करवाया जा रहा है। जांच एजेंसी आरोपी का पूर्व रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

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शिकायत का विवरण

ईओडब्ल्यू के अनुसार, तलैया निवासी फैजान किदवई ने इस संबंध में शिकायत की थी। फैजान ने बताया था कि वर्ष 2013 में उसने रेतघाट स्थित अपना फ्लैट अनवर बेग को देने और बदले में उसके निर्माणाधीन अदनान कॉम्प्लेक्स में फ्लैट लेने का अनुबंध किया था। फैजान के फ्लैट की रजिस्ट्री 11 फरवरी 2014 को रशीदा बेगम के नाम करा दी गई और उसकी राशि अनवर बेग ने स्वयं रख ली। हालांकि, अनुबंधित फ्लैट टी-02 का निर्माण नहीं करवाया गया। इसके बाद 14 जून 2016 को दोनों पक्षों के बीच नया समझौता हुआ। इस समझौते में छह महीने के भीतर फ्लैट की रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया गया और सुरक्षा के तौर पर तीन चेक भी दिए गए। फ्लैट नहीं मिलने पर फैजान ने चेक बाउंस का मामला न्यायालय में दायर किया और थाना तलैया में भी धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया। वर्ष 2022 में फिर समझौता हुआ, जिसमें 14 लाख रुपए में से 3.50 लाख रुपए नकद दिए गए और शेष 10.50 लाख रुपए का चेक दिया गया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया।

पहले से कब्जे वाले फ्लैट का अनुबंध

जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2025 में आरोपियों ने फैजान को भरोसे में लेकर गैलेक्सी अपार्टमेंट के चौथी मंजिल स्थित फ्लैट की रजिस्ट्री और कब्जा दिलाने का नया अनुबंध कराया। यह फ्लैट पहले ही वर्ष 2013 में दूसरे व्यक्ति के पक्ष में विक्रय अनुबंध के जरिए दिया जा चुका था और उसका कब्जा भी सौंपा जा चुका था। बाद में वर्ष 2016 में इसी फ्लैट की रजिस्ट्री फारूख खान के नाम हुई। इस फ्लैट को लेकर पहले से थाना तलैया में आपराधिक प्रकरण भी दर्ज था। जांच में आरोप है कि इन तथ्यों को छिपाकर फैजान से नया अनुबंध कराया गया। 6 सितंबर 2025 को किए गए अनुबंध में मूल तारीख पर फ्लूइड लगाकर संशोधन किया गया और बाद में उस पर हस्ताक्षर कराए गए।