बुलंद सोच, भोपाल।
जीआरपी भोपाल ने “ऑपरेशन हमदर्द” के तहत 11 दिन में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने 10 जुलाई को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म-6 स्थित आटो स्टैंड पर लावारिस मिली एक माह की बच्ची के माता-पिता को खोज निकाला।
यह खोज सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और सोशल मीडिया की मदद से संभव हुई।
थाना प्रभारी जहीर खान के नेतृत्व में गठित टीम ने भोपाल और अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में पता चला कि एक महिला, पुरुष और एक लड़की बच्ची को छोड़कर चले गए थे।
टिकट रिकॉर्ड से जानकारी मिली कि तीनों ने पुणे का जनरल टिकट लिया था। इसके बाद जीआरपी टीम पुणे पहुंची और स्थानीय पुलिस, जीआरपी तथा सोशल मीडिया की मदद से उनकी तलाश शुरू की।
बुधवार को तीनों की पहचान बच्ची के माता-पिता और बड़ी बहन के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि परिवार पुणे में मजदूरी करता है और बिहार के निवासी हैं। आर्थिक तंगी के कारण वे बिहार जाते समय बच्ची को भोपाल स्टेशन पर छोड़ गए थे।
बाद में समाचार और सोशल मीडिया पर बच्ची की जानकारी देखकर उन्हें पछतावा हुआ। वे बच्ची का हाल जानने भोपाल पहुंचे, जहां जीआरपी ने उन्हें पहचान लिया।
पुलिस ने माता-पिता के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, बच्ची के भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय अब बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) द्वारा लिया जाएगा।

