बुलंद सोच, ग्वालियर।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर एक व्यक्ति ने बियर की दो बोतलों में पेट्रोल भरकर आग लगाई और उन्हें गेट के पास फेंक दिया। पेट्रोल बम गिरते ही वायुसेनाकर्मी सतर्क हो गए और आरोपी को तुरंत पकड़ लिया गया।
इस घटना के बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो, डिफेंस इंटेलिजेंस सहित अन्य खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और आरोपी से पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी मानसिक रोगी है और इस संबंध में जांच भी कराई गई है।
जांच के बाद उसे मानसिक आरोग्यशाला भिजवा दिया गया है। यह भी सामने आया है कि आरोपी आंध्रप्रदेश के तिरुवरु स्थित एक निजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर है।
आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित धनापुर गांव का निवासी है। वह आंध्रप्रदेश के कॉलेज से तीन दिन का अवकाश लेकर आया था। वह 2 अगस्त को अंडमान एक्सप्रेस ट्रेन से ग्वालियर के लिए निकला था और 3 अगस्त को दोपहर करीब तीन बजे ग्वालियर पहुंचा।
ग्वालियर पहुंचने के बाद उसने एक गेस्ट हाउस में किराए पर कमरा लिया। उसने बियर की बोतलें खरीदीं, कमरे में खाली कीं और फिर पेट्रोल पंप पर जाकर उनमें पेट्रोल भरवा लिया। 4 अगस्त को रात करीब नौ बजे वह अपने होटल से निकला और दो पेट्रोल बम बनाकर एयरफोर्स स्टेशन के गेट की तरफ फेंके।
खुफिया एजेंसियों द्वारा पूछताछ किए जाने पर आरोपी लगातार बयान बदल रहा था। उसने बताया कि जब वह 2015 में मैनिट भोपाल से पीएचडी कर रहा था, तब ग्वालियर के एक युवक से मुलाकात हुई थी, जिसने उसके और उसके परिवार के दिमाग को हैक कर लिया था। उसने यह भी कहा कि दिमाग हैक करने की प्रक्रिया एयरफोर्स स्टेशन से हो रही है। कभी-कभी वह जातिगत शोषण की बात भी कहने लगा।
आरोपी ने नोएडा से एमसीए किया है। इसके बाद वह एमटेक करने के लिए भोपाल आया था और मैनिट से एमटेक पूरा किया। उसने पीएचडी के लिए भी पंजीकरण कराया था, लेकिन उसे बीच में ही छोड़ दिया था। वह मई से कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।
महाराजपुरा सर्किल के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि सिरफिरे युवक द्वारा बियर की बोतलों में पेट्रोल भरकर एयरफोर्स स्टेशन के गेट पर फेंके गए थे। उसे पकड़ लिया गया है और पूछताछ में उसके मानसिक रोगी होने की बात सामने आई है। उसे मानसिक आरोग्यशाला भेज दिया गया है।

