बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर में सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी और अव्यवस्था पाए जाने पर मुख्य स्वच्छता निरीक्षक (सीएसआई) और सुपरवाइजर का वेतन काटा जाएगा।
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने मंगलवार को जोन 18 में नवलखा पर स्थित सीटीपीटी का निरीक्षण किया।
यहां नल खराब होने, सफाई ठीक नहीं होने तथा गंदगी और अव्यवस्था पाए जाने पर सीएसआई अभिषेक तिवारी का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया गया।
इसी क्रम में, सिटीपीटी सुपरवाइजर प्रमोद दुबे का तीन दिन का वेतन काटने का भी आदेश जारी किया गया।
निगमायुक्त ने जोन 11 में रेडियो कॉलोनी के पास स्थित सिटीपीटी का भी निरीक्षण किया।
यहां गंदगी और सफाई व्यवस्था असंतोषजनक मिलने पर सीएसआई राजेंद्र बेगा का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त, सिटीपीटी सुपरवाइजर सहायक का भी तीन दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया।
निगमायुक्त ने सभी सीएसआई और सिटीपीटी सुपरवाइजर को सिटीपीटी में नल, पानी और साफ-सफाई को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
जल प्रदाय व्यवस्था और कचरा प्रबंधन का निरीक्षण
निगमायुक्त मूसाखेड़ी स्थित स्काडा सिस्टम का निरीक्षण करने भी पहुंचे।
उन्होंने शहर की जल प्रदाय व्यवस्था और सुधार कार्य के दौरान पंप बंद रहने से प्रभावित क्षेत्रों या जहां टंकी नहीं भर पाई, उसकी जानकारी ली।
निगमायुक्त ने इन प्रभावित क्षेत्रों में जलप्रदाय की वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए टैंकर से जलप्रदाय करने के निर्देश दिए।
निगमायुक्त आजाद नगर जीटीएस भी पहुंचे, जहां पता चला कि गीले कचरे का कैप्सूल तीन दिन से खराब है।
इस पर निगमायुक्त ने जीटीएस प्रभारी नवीन सोलंकी, सहायक यंत्री एसबीएम सौरभ माहेश्वरी और वर्कशाप प्रभारी मनीष पांडे को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
सेंट्रल लाइट चालू मिलने पर नोटिस
निरीक्षण के दौरान आजाद नगर से मूसाखेड़ी तक सेंट्रल लाइट चालू मिलने पर संबंधित उपयंत्री रोहन खेडेकर, लोकेश मेहता और दारोगा नदीम खान, राजेंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

