बुलंद सोच, जबलपुर।
जबलपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के आरोप में आधारताल स्थित सरल एक्स-रे एवं पैथोलाजी के संचालक सतीश अग्रवाल और मालवीय चौक स्थित आरके डिजिटल एक्स-रे सोनोग्राफी कलर डाप्लर सेंटर के संचालक राजेंद्र अग्रवाल को ओमती पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
हालांकि, गिरफ्तारी के बाद अदालत ने दोनों आरोपितों को जमानत पर रिहा कर दिया।
पुलिस ने सोमवार को इन सेंटरों पर छापा मारा था। जांच के दौरान अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात में एक महिला एजेंट डाली जायसवाल उर्फ खुशी की भूमिका सामने आई है, जो वर्तमान में फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात की शिकायतें मिलने के बाद दो महिला आरक्षक गर्भवती बनकर सेंटरों पर पहुंची थीं।
इन महिला आरक्षकों से भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए 15 हजार रुपये का सौदा तय हुआ था, जिसमें बालिका होने पर गर्भपात भी शामिल था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों सेंटरों को सील कर दिया।
राजेंद्र अग्रवाल और महिला एजेंट डाली के मोबाइल फोन की जांच से भ्रूण परीक्षण और गर्भपात से संबंधित कई संदिग्ध तस्वीरें मिलीं। इसके बाद मंगलवार को दोनों डॉक्टरों और महिला एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

