बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर में साइबर ठगों ने शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार लोगों को विभिन्न तरीकों से झांसे में लेकर करीब पौने पांच लाख रुपये से अधिक की रकम ठग ली। इन चारों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घमापुर में ठगी
घमापुर के अनु द्वारका नगर निवासी 64 वर्षीय दुकान संचालक टेकचंद गौतम के मोबाइल पर एक कॉल आया। उन्होंने इसे रॉन्ग नंबर बताकर फोन काट दिया। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर खाते से रकम ट्रांसफर होने के मैसेज आने लगे।
जांच करने पर पता चला कि नौ ट्रांजेक्शन के जरिए तीन लाख 72 हजार 682 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए थे। टेकचंद गौतम ने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
गढ़ा में धोखाधड़ी
गढ़ा के शारदा चौक निवासी 77 वर्षीय एलआईसी के सेवानिवृत्त कर्मचारी विजय कुमार तिवारी फेसबुक देख रहे थे। तभी उन्हें बैंक ऑफ इंडिया के नाम से सीनियर सिटीजन कार्ड पर अलग-अलग डिस्काउंट का विज्ञापन दिखाई दिया। तिवारी ने कार्ड के लिए आवेदन किया।
कुछ देर बाद उन्हें एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और उनसे डेबिट कार्ड की जानकारी ली। इसके बाद व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजी गई।
जैसे ही तिवारी ने लिंक पर क्लिक किया, उनके खाते से 60 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए।
रांझी में साइबर ठगी
रांझी के वीएफजे स्टेट निवासी 40 वर्षीय देवाशीष बेहरा वीएफजे में कार्यरत हैं और उनका खाता पीएनबी की वीएफजे शाखा में है। उनका मोबाइल अचानक अपडेट होने लगा।
शाम को मोबाइल पर वेतन जमा होने का मैसेज आया। इसके बाद उन्होंने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि खाते से 38 हजार पांच रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर किए जा चुके थे।
हनुमानताल में हैकिंग
हनुमानताल के कुंजड़हाई मस्जिद निवासी 29 वर्षीय शादाब नजर सब्जी का कारोबार करते हैं। कुछ दिन पहले उनका मोबाइल फोन हैक हो गया।
इसके बाद लगातार मोबाइल पर ओटीपी आने लगे, जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। जब उन्होंने खाते का बैलेंस चेक किया तो पता चला कि 52 हजार 300 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो चुके थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस चारों मामलों में उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर हुई है।

