बुलंद सोच, जबलपुर।
जबलपुर के अधारताल निवासी 55 वर्षीय मुकेश गंभीर ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मरीज का दावा है कि मुंह के अंदर हुए एक छोटे से छाले का ऑपरेशन कराने के बाद से उनके मुंह के अंदर बाल उग रहे हैं, जिससे उनका खाना-पीना और निगलना दूभर हो गया है।
पीड़ित के अनुसार, जून 2024 में डॉ. अर्पण मिश्रा ने उनके मुंह के छाले की सर्जरी की थी। सर्जरी से पहले डॉक्टर ने इस तरह के किसी संभावित खतरे या साइड इफेक्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी।
लगातार शारीरिक दर्द और मानसिक तनाव झेल रहे मुकेश गंभीर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय (एसपी ऑफिस) पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
डॉक्टर का पक्ष
मामले को लेकर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अर्पण मिश्रा ने बताया कि मुकेश गंभीर का कैंसर का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन होने के बाद उन्हें सबमेंटल फ्लैप लगाया गया था।
डॉ. मिश्रा के अनुसार, जिस भी मरीज को किसी भी तरह का फ्लैप किया जाता है, उनके मुंह में बाल आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि यह उन्हें ऑपरेशन से पहले बता दिया गया था कि ऑपरेशन करके उस चमड़ी को आधा हटाया जा सकता है। यदि मरीज बहुत परेशान हैं तो रेडियोथेरेपी की जा सकती है या फिर ऑपरेशन करके उस चमड़ी को आधा हटाया जा सकता है।
डॉ. मिश्रा ने यह भी कहा कि चमड़ी के जिस हिस्से में बाल उगते हैं, उस हिस्से को ऑपरेशन करके हटाया जा सकता है, जिससे उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
एडवोकेट मोहित मतानी का कहना है कि उन्होंने संबंधित डॉक्टर और अस्पताल को कानूनी नोटिस दिया है। वे जल्द ही उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में रिट याचिका (रिट पिटीशन) दर्ज करने वाले हैं।

