बुलंद सोच, जबलपुर।

बारिश की शुरुआत के साथ ही नदियों से रेत का खनन और परिवहन प्रभावित हुआ है। इसके कारण शहर के आसपास पहले से जमा किए गए रेत के स्टॉक की कीमत में वृद्धि हुई है। बायपास से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों, सड़क किनारे और खाली प्लाटों में रेत के बड़े-बड़े ढेर देखे जा सकते हैं। सक्रिय रेत माफियाओं ने बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही इन स्थानों पर रेत जमा कर ली थी। अब इसे जरूरतमंदों को ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक हाइवा रेत के लिए 24,000 से 26,000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
निर्माण कार्यों की मांग और अवैध स्टॉक
शहर में निर्माण कार्यों के लिए रेत की मांग लगातार बनी हुई है। वैध स्रोतों से रेत की आपूर्ति सीमित होने के कारण निजी स्थानों पर जमा किया गया अवैध स्टॉक सक्रिय हो गया है। अंधमूक बायपास, कटंगी, पाटना, सूखा बायपास और इनसे जुड़े ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर रेत के ढेर मौजूद हैं। इनमें से कुछ स्थानों पर प्रशासन द्वारा पूर्व में जब्त की गई रेत भी रखी है, जबकि कई जगहों पर निजी जमीनों पर रेत का भंडारण किया गया है। रेत कारोबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही बड़े पैमाने पर रेत लाकर सुरक्षित स्थानों पर जमा कर दी गई थी। नदी से रेत निकालने और उसके परिवहन पर असर पड़ने के बाद अब इसी स्टॉक की मांग बढ़ गई है। यही कारण है कि सामान्य दिनों की तुलना में एक हाइवा रेत की कीमत में बढ़ोतरी हुई है।
अधिकारियों की चुप्पी और अवैध कारोबार
बायपास से लगे इलाकों में कई खेत और खाली प्लाटों का इस्तेमाल रेत के अवैध अस्थायी डंपिंग यार्ड के रूप में किया जा रहा है। सड़क किनारे भी रेत के ढेर लगाए गए हैं। रेत कहाँ से लाई गई, किसकी अनुमति से भंडारण किया गया और इसका परिवहन किस प्रकार हुआ, इन सवालों का जवाब देने से खनिज, राजस्व और पुलिस के अधिकारी बच रहे हैं। सामने आया है कि इन स्टॉक से अवैध रेत शहर के विभिन्न हिस्सों में चल रहे निर्माण कार्यों तक पहुंचाई जा रही है। स्थानीय स्तर पर बुकिंग के बाद रात के समय हाइवा के माध्यम से रेत पहुंचाई जाती है। बारिश के दौरान मांग बनी रहने से अवैध रूप से स्टॉक करने वालों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है। खनिज विभाग की निगरानी के बावजूद, शहर में रात के समय बड़ी मात्रा में हाइवा और डम्पर के माध्यम से अवैध रेत का कारोबार जारी है। ठेकेदारों और रेत माफियाओं ने बायपास और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण किया है, जिसकी जानकारी खनिज विभाग के अधिकारियों को नहीं है। निजी जमीनों पर रखी गई रेत के स्रोत और भंडारण की अनुमति की जांच भी नहीं की जा रही है।
अवैध भंडारण के मुख्य स्थान
अवैध रेत का भंडारण कटंगी बायपास, कटंगी रोड, पाटन बायपास, पाटन रोड, कटंगी बायपास से पाटन बायपास, अंधमूक बायपास से पाटन बायपास, कटंगी से खजरी-खिरिया बायपास, महाराजपुर बायपास और पनागर बायपास पर किया जा रहा है।

