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2026-07-23

विदेश मंत्री जयशंकर ने मनीला में ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा पर दिया जोर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, मनीला।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मनीला में आयोजित ‘आसियान पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस विद इंडिया 2026’ में एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा, भोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा को अब हल्के में नहीं लिया जा सकता है। विदेश मंत्री ने बताया कि दोनों पक्ष अपने बेहतर भविष्य को लेकर बेहद आशावादी हैं। जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया समुद्री व्यापार पर बहुत ज्यादा निर्भर है, जिसके कारण समुद्री मार्ग चिंता का बड़ा कारण बन सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना बेहद जरूरी बताया। संयोग से वर्ष 2026 को ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष’ घोषित किया गया है। यह पहल एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। विदेश मंत्री ने साफ किया कि जोखिम घटाने और विविधता लाने के लिए गहरा सहयोग ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने यह भी बताया कि आज भारत और आसियान का एजेंडा व्यापक हो चुका है। इस एजेंडे में व्यापार, निवेश, प्रतिभा की आवाजाही, तकनीक, डिजिटल और एआई शामिल हैं। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी और कनेक्टिविटी पर भी तेजी से काम हो रहा है।

जयशंकर का मनीला दौरा और अन्य बैठकें

विदेश मंत्रालय के अनुसार, एस जयशंकर 22 से 23 जुलाई तक मनीला दौरे पर रहेंगे। वे इस दौरान ईस्ट एशिया समिट (EAS) और आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) की बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही वे क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे और द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। फिलीपींस 2026 में आसियान की अध्यक्षता “नेविगेटिंग अवर फ्यूचर, टुगेदर” थीम के तहत कर रहा है। सम्मेलन के इतर विदेश मंत्री क्वाड देशों के समकक्षों से भी मुलाकात करेंगे।

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विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह का किर्गिस्तान दौरा

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 23 और 24 जुलाई को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में भाग लेने किर्गिस्तान के चोलपोन-अता शहर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह बैठक बिश्केक में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले एससीओ नेतृत्व शिखर सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में आयोजित की जा रही है।