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एशिया के सबसे बड़े रेल ग्रेड सेपरेटर में पहली बार हादसा, मालगाड़ी दो हिस्सों में बंटी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, कटनी।

मध्य प्रदेश के कटनी में बिलासपुर और सिंगरौली रेल खंड से दमोह-सागर रूट पर निर्मित एशिया के सबसे बड़े रेल ग्रेड सेपरेटर में पहली बार एक हादसा हुआ। सोमवार को सिंगरौली से बीना जा रही कोयले से लदी एक मालगाड़ी की कपलिंग खुल जाने से वह दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत रही कि मालगाड़ी की बोगियां पलटी नहीं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। मालगाड़ी के चालक ने एक हिस्से को रोककर तत्काल अधिकारियों को घटना की सूचना दी। ढाई घंटे से अधिक के प्रयास के बाद कपलिंग को जोड़कर मालगाड़ी को बीना की ओर रवाना किया गया। एआरएम रोहित सिंह के अनुसार, इस घटना से रेल यातायात बाधित नहीं हुआ।

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संभावित खतरा और सुरक्षा पहलू

यह घटना मुड़वारा स्टेशन के पास हुई, जहां अप लाइन बस्ती और मुख्य मार्ग से सटकर गुजरती है। यदि बोगियां पलट जातीं तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। पटरी के दोनों ओर सुरक्षा के नाम पर केवल रेलिंग लगी है तथा ट्रैक पर दोनों ओर स्थान भी कम है।

ग्रेड सेपरेटर की जानकारी

रेलवे ने कटनी जंक्शन पर मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों के जाम को खत्म करने के लिए एशिया के सबसे लंबे रेल फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कराया है। लगभग 1800 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस ग्रेड सेपरेटर के डाउन ट्रैक का कार्य अभी जारी है। मझगवां फाटक से झलवारा स्टेशन के बीच बने इस सेपरेटर की कुल अप-डाउन लंबाई 33.4 किलोमीटर है। यह रेल ओवरब्रिज 676 पिलर पर निर्मित है, जो ट्रेनों को कटनी यार्ड से बिना रुके सीधे गुजरने में सहायता करता है। अप ट्रैक से रोजाना 20 से 25 मालगाड़ियां निकाली जाती हैं। इस ग्रेड सेपरेटर को “उड़ता जंक्शन” भी कहा जाता है।