बुलंद सोच, पुणे।
पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि मंगेतर सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी ने हत्या के लिए कई जगह रेकी की थी।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने पहले केतन को किसी हादसे में केवल घायल करने की योजना बनाई थी। उनका मकसद आने वाली बाली यात्रा को टालना था।
हालांकि, बाद में दोनों डर गए कि अगर केतन बच गया तो वह उनका भांडा फोड़ देगा। इसके बाद उन्होंने हत्या का पक्का इरादा बना लिया।
लोहगढ़ किले का चयन
साजिश रचने वालों ने टाइगर पॉइंट, विसापुर किला और लोहगढ़ किला का सर्वे किया। उन्होंने आपस में तस्वीरें साझा कीं। इंटरनेट पर अपराध से जुड़ी फिल्में और तरीके खोजे गए।
आखिरकार, ढलान से नीचे धक्का देकर हत्या को हादसा दिखाने के लिए लोहगढ़ किला चुना गया।
वारदात और जांच
सिया गोयल 14 जून को केतन को लेकर लोहगढ़ गई थी, लेकिन तब हत्या की कोशिश नाकाम रही थी।
18 जून को चेतन चौधरी भी शामिल हुआ और दोनों ने केतन को खाई में धक्का दे दिया।
पुलिस ने साफ किया कि इसमें कोई कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का कोण नहीं है। आरोपियों का मुख्य मकसद केतन को अपने रास्ते से हटाना था।
दोनों आरोपी फिलहाल यरवदा केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
पिंपरी-चिंचवड़ के व्यवसायी केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई फरवरी में हुई थी। सिया पहले से ही चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी और शादी नहीं करना चाहती थी।
बाली ट्रिप टालने के लिए सिया ने पहले केतन का पासपोर्ट तक छिपा दिया था।
18 जून को लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान केतन को खाई में फेंक दिया गया। शुरुआती तौर पर इसे हादसा दिखाने की कोशिश की गई।
सीसीटीवी में चेतन की संदिग्ध मौजूदगी (गर्मी में हुडी पहने दिखना) और कॉल डिटेल्स से मामले की कड़ियां जुड़ीं, जिसके बाद पुलिस ने 23 जून को दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
