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2026-08-01

लोकमान्य तिलक के परपोते रोहित तिलक ने संजय राउत की आलोचना पर पलटवार किया: पुरस्कार राजनीति से ऊपर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, दिल्ली।

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के परपोते रोहित तिलक ने संजय राउत की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लोकमान्य तिलक पुरस्कार राजनीति से ऊपर है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के योगदान को इस सम्मान का आधार बताया।

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के परपोते और तिलक स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष रोहित तिलक ने स्पष्ट किया कि लोकमान्य तिलक पुरस्कार को राजनीति में नहीं घसीटा जाना चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत की उस आलोचना के जवाब में की थी।

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संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को यह सम्मान दिए जाने पर सवाल उठाए थे। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राउत ने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि कुछ ‘पुणेकरों’ को अमित शाह को आमंत्रित करने पर शर्म आनी चाहिए।

राउत ने आरोप लगाया था कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन चलाने का आदेश केंद्रीय गृह मंत्री ने दिया था। उन्होंने कहा था कि इस व्यक्ति के हाथ खून से रंगे हैं और उन्हीं के हाथों बाल गंगाधर तिलक के नाम का पुरस्कार दिया जा रहा है।

राउत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहित तिलक ने कहा कि ऐसी टिप्पणियों की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि लोकमान्य तिलक पुरस्कार राजनीति से ऊपर है। उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अजीत डोभाल के योगदान से सभी परिचित हैं।

रोहित तिलक ने यह भी कहा कि अमित शाह के हाथों अजीत डोभाल को सम्मानित किया जाना एक अच्छा संयोग है, क्योंकि वह देश के गृह मंत्री हैं। उनके अनुसार, इस सम्मान को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।