BREAKING NEWS
2026-07-31

गवर्नमेंट प्रेस रद्दी बिक्री मामले में 2 कर्मचारी निलंबित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश के गवर्नमेंट प्रेस में रद्दी बिक्री में हुई गड़बड़ी के मामले में दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में पांच अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं।

Advertisement

डिप्टी कंट्रोलर को सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रद्दी उठाने का ठेका लेने वाली कंपनी मां ट्रेडर्स को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

यह मामला 22 जुलाई को भास्कर ऐप द्वारा किए गए खुलासे के बाद सामने आया था। खुलासे में बताया गया था कि गवर्नमेंट प्रेस में रद्दी बिक्री के दौरान ट्रकों का वजन दस्तावेजों में कम दिखाया गया।

उदाहरण के लिए, लगभग 15 टन रद्दी से भरे एक ट्रक का वजन रिकॉर्ड में लगभग 3 टन ही दर्ज किया गया था। पड़ताल के दौरान ठेका लेने वाली मां ट्रेडर्स की भूमिका पर भी सवाल उठे थे।

इस खुलासे के बाद कंट्रोलर चंद्रशेखर वालिंबे ने निगरानी समिति के सभी सात सदस्यों से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा था।

रद्दी बिक्री की प्रक्रिया की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए गवर्नमेंट प्रेस ने एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति के सदस्यों की जिम्मेदारी थी कि उनकी मौजूदगी में रद्दी की निकासी और तुलाई की प्रक्रिया पूरी हो।

भास्कर की खबर प्रकाशित होने के बाद सातों सदस्यों को नोटिस जारी किए गए थे। प्रभारी समय लेखक चंद्र सुरेश चौर और प्रभारी भंडारी संदीप श्रीवास्तव का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

इसके बाद इन दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

दो कर्मचारियों के निलंबन के साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि रद्दी से भरे ट्रकों को धर्मकांटे तक ले जाने के लिए बनाई गई निगरानी समिति ने अपने दायित्वों में लापरवाही बरती है।

डिप्टी कंट्रोलर लॉरेंस रॉबर्टसन को इस मामले की जांच सौंपी गई है। उन्हें सात दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।

गवर्नमेंट प्रेस से रद्दी उठाने का टेंडर भोपाल की मां ट्रेडर्स को मिला था। भास्कर की पड़ताल में यह सामने आया था कि रद्दी से भरे ट्रकों की तुलाई गोविंदपुरा के संजय धर्मकांटे पर हुई थी, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में मिसरोद के भवानी धर्मकांटे की रसीदें लगाई गई थीं।

दोनों धर्मकांटों की रसीदों में ट्रकों के वजन और तुलाई के समय में भी अंतर पाया गया था। इन्हीं गड़बड़ियों को लेकर मां ट्रेडर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कंपनी से जवाब मांगा गया है कि ट्रकों को संजय धर्मकांटे ले जाने के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में भवानी धर्मकांटे की रसीदें क्यों लगाई गईं। यदि कंपनी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती है, तो उसका एग्रीमेंट खत्म करने की चेतावनी भी दी गई है।

22 जुलाई को दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित खबर में मध्य प्रदेश के गवर्नमेंट प्रेस (शासकीय मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग) में रद्दी कागज की बिक्री से जुड़े बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया था। दैनिक भास्कर की जांच में सरकारी प्रेस, टेंडर लेने वाली कंपनी और तौल कांटे के रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं।

दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर हुए इस खुलासे से अनुमान है कि पूरे टेंडर के दौरान सरकार को लगभग 1.34 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है।

जांच के दौरान, दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने आधी रात रद्दी से लदे ट्रकों का पीछा कर उस धर्मकांटे तक पहुंचकर तस्वीरें और वीडियो जुटाए थे, जहां उनकी तुलाई हुई थी।