बुलंद सोच, नागपुर।
महाराष्ट्र में मानव-बाघ संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से एक एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम शुरू किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से जंगल में बाघों की लोकेशन का पता लगाया जाएगा और अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मॉडल की मदद से बाघों की निगरानी की जाएगी।
मानव-बाघ संघर्ष को कम करने के लिए विकसित किए गए इस अर्ली वार्निंग सिस्टम का शुभारंभ बुधवार को वैश्विक बाघ दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में किया।
नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार द्वारा तैयार किया गया मार्बल एआई मॉडल जंगल में चीतल और लंगूर जैसे अन्य वन्यजीवों की चेतावनी भरी आवाजों का विश्लेषण करेगा। यह विश्लेषण बाघ की सटीक लोकेशन का पता लगाने में सहायक होगा।
इस प्रणाली की सफलता के बाद इसे देश के अन्य बाघ क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना है।

