बुलंद सोच, महू।

महू के गवली पलासिया में दो दिन से लापता एक युवक की हत्या कर शव को तलाई किनारे दफनाने के मामले का बड़गोंदा पुलिस ने पांच घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार किया है। मृतक की पहचान खेड़ला ग्राम गवली पलासिया निवासी मिथुन उर्फ धर्मेंद्र पुत्र छगन मालीवाड़ (30) के रूप में हुई है। पुलिस को गुरुवार सुबह मोहन पटेल के खेत के पास बनी तलाई में मिट्टी में शव दबे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक प्रकाश वास्कले पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और खुदाई कर शव को बाहर निकाला। जांच में पता चला कि मिथुन की गुमशुदगी पहले ही दर्ज कराई गई थी। शव पर सिर और गर्दन पर गंभीर चोट के निशान मिले थे, जिससे प्रारंभिक जांच में हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव दफन किए जाने की बात सामने आई।
आरोपित पति-पत्नी गिरफ्तार, वारदात का खुलासा
मामले की जांच के दौरान पुलिस को धार जिले के मांडव थाना क्षेत्र के ग्राम उन्डाखो निवासी सुनील उर्फ सुखराम भाभर (30) पर संदेह हुआ। सुनील वर्तमान में गवली पलासिया में मोहन पटेल के खेत पर बनी टापरी में रह रहा था। पुलिस ने उसे धार जिले के नालछा थाना क्षेत्र के ग्राम भीलकुंडा से हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपित सुनील ने बताया कि 4 अगस्त की रात करीब 12 से 1 बजे के बीच वह मिथुन उर्फ धर्मेंद्र को अपने घर बच्चे के इलाज के बहाने लेकर आया था। इसी दौरान, जब आरोपित शौच के लिए बाहर गया, तब मिथुन ने कथित रूप से उसकी पत्नी रवीना को बुरी नीयत से पकड़ लिया। रवीना के चिल्लाने पर सुनील मौके पर पहुंचा और उसने ‘बक्के’ नामक हथियार से मिथुन के सिर और गर्दन पर कई वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण मिथुन की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद सुनील ने अपनी पत्नी रवीना के साथ मिलकर शव को पास के नाले पर बनी तलाई तक पहुंचाया और एक गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया। इसके बाद आरोपित सुनील अपनी पत्नी और बच्चों के साथ उसी रात वहां से फरार हो गया था। पुलिस ने मामले में हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराएं बढ़ाते हुए सुनील उर्फ सुखराम और उसकी पत्नी रवीना (25) को गिरफ्तार कर लिया है।

