बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) अपने परीक्षा कैलेंडर का पालन करने में लगातार असफल रहा है। अगस्त में प्रस्तावित परीक्षाओं की संशोधित समय-सारिणी जारी करते हुए तीसरी बार कैलेंडर में बदलाव किया गया है। इससे पहले दिसंबर 2025 और इस साल अप्रैल में प्रस्तावित परीक्षाओं का कार्यक्रम बदला जा चुका है। जनवरी से अब तक चार प्रमुख भर्ती परीक्षाओं सहित कई पात्रता परीक्षाओं की तिथियां बदली गई हैं।
प्रमुख परीक्षाओं की नई तिथियां
पांच अगस्त से शुरू होने वाली कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा अब सितंबर में आयोजित होगी। इसी तरह समूह-01 उपसमूह-02 संयुक्त भर्ती परीक्षा, वनरक्षक और जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा की तिथियों में भी संशोधन किया गया है।
लंबित और अनुपस्थित परीक्षाएं
नए कैलेंडर में 11 भर्ती परीक्षाओं और एक प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा की रूपरेखा जारी की गई है। हालांकि, कई भर्ती परीक्षाओं के नोटिफिकेशन अब भी लंबित हैं। बहुप्रतीक्षित वर्ग-1 शिक्षक भर्ती परीक्षा-2026 को सूची में शामिल नहीं किया गया है। पिछले कैलेंडर की वर्ग-1 शिक्षक भर्ती परीक्षा-2026, समूह-2 उप समूह-2 और समूह-1 उप समूह 1 व समूह 2 उप समूह की संयुक्त भर्ती परीक्षाओं को भी सूची में शामिल नहीं किया गया है।
अभ्यर्थियों पर प्रभाव
दो से तीन माह तक परीक्षाएं टलने से लाखों अभ्यर्थियों की तैयारी, रोजगार प्राप्ति की योजना और मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार तिथियों के बदलने और प्रक्रियाओं में परिवर्तन के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है।
वनरक्षक और जेल प्रहरी परीक्षा में विवाद
वनरक्षक एवं जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा, जो अप्रैल में प्रस्तावित थी, उसे 20 जून को आयोजित किया गया था। इसकी आवेदन प्रक्रिया फरवरी में पूरी कर ली गई थी, लेकिन इसमें ओबीसी के पद शामिल नहीं किए गए थे। इस कारण यह प्रक्रिया विवादों में घिर गई। बाद में संबंधित विभाग द्वारा पदों की संख्या में संशोधन करते हुए ओबीसी वर्ग के लिए भी पद जोड़े गए हैं, जिसके लिए दोबारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं और इससे पूरी प्रक्रिया में देरी हुई है।
अन्य भर्ती परीक्षाओं में देरी
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत अस्पताल सहायक (चतुर्थ श्रेणी) के 1200 पदों पर भर्ती के लिए नई नियमावली जारी की गई थी। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मई तक की गई और इसकी परीक्षा जून में आयोजित हुई। इसी तरह नर्सिंग ऑफिसर एवं सिस्टर ट्यूटर भर्ती परीक्षा, जो पहले अप्रैल में आयोजित की जानी थी, वह 15 मई से शुरू हो पाई।
विशेषज्ञ की राय
भोपाल की वरिष्ठ करियर काउंसलर शबनम खान ने बताया कि अभ्यर्थी किसी भी परीक्षा की तैयारी मानसिक रूप से भी करते हैं। उनके अनुसार, बार-बार परीक्षा कैलेंडर बदलने से अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर असर पड़ता है और नीट इसका एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी समय-सारिणी के अनुसार लक्ष्य निर्धारित कर परीक्षा की तैयारी करते हैं और बदलाव से बहुत गड़बड़ होती है।

