BREAKING NEWS
2026-08-06

फर्जी दस्तावेजों से स्कूल मान्यता पर मध्य प्रदेश में 2 लाख जुर्माना, रद्द होगी मान्यता

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

मध्य प्रदेश सरकार ने निजी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।

Advertisement

नए प्रावधानों के तहत अब गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मान्यता लेने वाले निजी स्कूलों पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके साथ ही, संबंधित स्कूल की मान्यता भी समाप्त की जा सकेगी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने संशोधित नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है।

अनिवार्य बायोमेट्रिक उपस्थिति और प्रयोगशालाएं

नई व्यवस्था के अनुसार, सभी शिक्षकों के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना आवश्यक होगा।

हाईस्कूल स्तर पर कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए कंपोजिट साइंस लैब अनिवार्य रहेगी।

हायर सेकेंडरी स्तर पर कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की अलग-अलग प्रयोगशालाएं होना जरूरी होगा।

जिन स्कूलों में पर्याप्त भवन, सुरक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी, उन्हें दो पालियों में संचालन की अनुमति भी मिल सकेगी।

सुरक्षा जमा राशि

सरकार ने छात्र संख्या के आधार पर सुरक्षा जमा राशि भी निर्धारित की है।

हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को 25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की राशि बैंक एफडी के रूप में जमा करनी होगी।

यह एफडी प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी के संयुक्त नाम से होगी।

आवेदन प्रक्रिया और समय-सीमा

संशोधित नियमों के तहत मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन पूरे वर्ष किए जा सकेंगे।

हालांकि, अगले शैक्षणिक सत्र के लिए केवल 30 सितंबर तक प्राप्त आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा।

भौतिक सत्यापन, आपत्तियों और अपीलों सहित पूरी प्रक्रिया 28 फरवरी तक पूरी करना अनिवार्य रहेगा।

आवेदन निरस्त होने पर संबंधित संस्था को पहले आयुक्त, लोक शिक्षण और उसके बाद राज्य मान्यता समिति के समक्ष निर्धारित समय सीमा में अपील करने का अवसर मिलेगा।

ग्वालियर में आधार अपडेशन शिविर

ग्वालियर के स्कूलों में विशेष शिविर लगाए गए।

इन शिविरों में 5 हजार से अधिक छात्रों का आधार व बायोमेट्रिक अपडेशन हुआ।