बुलंद सोच, भोपाल।
प्रदेश में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 30 पद बढ़ सकते हैं। इसके लिए पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने शासन को काडर रिव्यू करने का प्रस्ताव भेजा है। शासन इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगा।
वर्तमान स्थिति और समीक्षा चक्र
वर्तमान में प्रदेश में आईपीएस के 319 पद हैं। आईपीएस काडर का रिव्यू हर पांच वर्ष में होता है। इससे पहले काडर रिव्यू वर्ष 2022 में हुआ था।
काडर रिव्यू का इतिहास
वर्ष 2003 से अभी तक पांच काडर रिव्यू होने चाहिए थे, लेकिन चार ही हो पाए हैं। गृह विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1998 में काडर रिव्यू हुआ था। पांच वर्ष के अंतराल में अगला रिव्यू वर्ष 2003 में हुआ। इसके बाद वर्ष 2008 में रिव्यू होना था, पर वह वर्ष 2010 में हुआ। इसके बाद वर्ष 2015 में रिव्यू हो पाया। वर्ष 2020 में रिव्यू होना था, पर वह वर्ष 2022 में किया गया।
वृद्धि का आधार और पदोन्नति के अवसर
राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति, नए जिले और नई पुलिस इकाइयों के आधार पर आईपीएस अधिकारियों के पद बढ़ाने का प्रविधान है। निर्धारित फार्मूले के अंतर्गत एक बार के रिव्यू में 20 से 25 पद बढ़ते हैं। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जितने पद बढ़ेंगे, उनमें से 33 प्रतिशत में राज्य पुलिस सेवा से पदोन्नत होने वाले अधिकारियों को अवसर मिलेगा। पद नहीं होने के कारण कई अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के स्तर से ही सेवानिवृत हो जाते हैं।

