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2026-08-12

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों की ऑनलाइन हाजिरी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों की तरह विद्यार्थियों की भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी। विद्यार्थियों की उपस्थिति के लिए न तो बायोमेट्रिक मशीन का उपयोग होगा और न ही चेहरे की पहचान से उपस्थिति दर्ज होगी। इसके बजाय, कक्षा शिक्षक ही पोर्टल पर विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग यह प्रक्रिया विद्यार्थियों के कक्षा में अध्ययन की नियमित मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर करने के उद्देश्य से शुरू कर रहा है। अभी तक उपस्थिति पंजी के माध्यम से अटेंडेंस लगाई जाती थी।

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नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों पर लागू

यह व्यवस्था खासतौर पर नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों पर लागू होगी। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति शिक्षा पोर्टल 3.0 पर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह उपस्थिति पोर्टल पर स्टूडेंट मैनेजमेंट के अंतर्गत स्टूडेंट अटेंडेंस ऑप्शन में दर्ज होगी। पोर्टल पर विद्यार्थियों की सूची प्रदर्शित होगी और प्रत्येक कक्षा शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना है।

उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया

डीपीआई ने निर्देशित किया है कि शिक्षा पोर्टल 3.0 में सभी विद्यार्थियों की सूची प्रदर्शित होगी। शिक्षक को प्रत्येक विद्यार्थी की स्थिति के अनुसार ‘प्रेजेंट’, ‘एब्सेंट’ या ‘ऑन लीव’ में से विकल्प चुनना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपस्थिति पोर्टल पर सेव की जाएगी। प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों की सेक्शनवार प्रविष्टि के बाद कक्षा शिक्षक यह कार्य कर सकेंगे, यानी एक ही कक्षा के अलग-अलग सेक्शन की उपस्थिति संबंधित कक्षा शिक्षक द्वारा दर्ज की जाएगी।

कम उपस्थिति पर अतिरिक्त कक्षाएं

विभाग का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति के नियमित विश्लेषण से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों की पहचान की जा सकेगी। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन उपस्थिति के नियमित विश्लेषण के आधार पर कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और आवश्यक शैक्षणिक सहायता की योजना तैयार की जाए।

शिक्षकों की व्यवस्था से भिन्न

विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति की यह व्यवस्था शिक्षकों की ‘हमारे शिक्षक एप’ से लगने वाली ऑनलाइन हाजिरी से अलग होगी। शिक्षकों की उपस्थिति में फेस रिकॉग्निशन और लोकेशन आधारित सत्यापन जैसी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि विद्यार्थियों की उपस्थिति शिक्षक द्वारा दर्ज की जाएगी।

पूर्व में भी हुआ था प्रयोग

विद्यार्थियों की ऑनलाइन अटेंडेंस का प्रयोग नया नहीं है। राज्य शिक्षा केंद्र इसे दो साल पहले प्राइमरी व मिडिल स्कूल में आजमा चुका है। तब भी शिक्षकों को ही बच्चों की पोर्टल पर अटेंडेंस लगानी होती थी। हालांकि, यह प्रयोग ज्यादा नहीं चल सका और इससे कोई खास नतीजे भी सामने नहीं आए।