BREAKING NEWS
2026-08-12

एमपी स्कूलों में 9वीं और 11वीं के छात्रों को संस्कृत विषय लेने हेतु प्रोत्साहन

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

राज्य सरकार हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में संस्कृत विषय के प्रति घटते रुझान में तेजी लाने और संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उन्हें इस विषय का अध्ययन करने हेतु प्रोत्साहित करेगी।

Advertisement

इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से यह जानकारी मांगी गई है कि जिन विद्यालयों में संस्कृत के शिक्षक पदस्थ हैं, वहां कितने विद्यार्थियों ने संस्कृत विषय लिया है। यदि विद्यार्थियों ने संस्कृत विषय नहीं लिया है, तो उन्हें प्रोत्साहित कर संस्कृत विषय लेने के लिए कहा जाए।

महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान द्वारा प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वे अपने जिले के सभी शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में संस्कृत विषय के चयन और अध्यापन कार्य को प्रोत्साहित करें।

संस्थान के निदेशक द्वारा लिखे गए पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिन हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में संस्कृत शिक्षक वर्ग एक कार्यरत हैं, उन स्कूलों में कक्षा 9वीं और कक्षा 11वीं में संस्कृत विषय का अध्यापन नहीं कराया जा रहा है।

इसलिए चालू शिक्षा सत्र से कक्षा नौवीं और कक्षा ग्यारहवीं में छात्रों को प्रोत्साहित कर संस्कृत विषय का चयन करने के लिए कहा जाए और ऐसे बच्चों के प्रवेश की जानकारी राज्य सरकार को भेजी जाए।

संस्कृत संस्थान की ओर से वर्ष 2025-26 में दोनों ही कक्षाओं में संस्कृत विषय में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों की जानकारी भी मांगी गई है।

उच्च शिक्षा में संस्कृत छात्रवृत्ति

उधर, उच्च शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश के ऐसे सभी वर्गों के पात्र निशक्तजन विद्यार्थियों, जो शासकीय महाविद्यालय में पढ़ाई करते हुए कंप्यूटर और प्रबंधन में डिग्री ले रहे हैं, उन्हें एकीकृत संस्कृत छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है।

साथ ही, निशक्तजन विद्यार्थियों को कंप्यूटर एवं प्रबंधन की शिक्षा प्राप्त करने के लिए जीवन निर्वाह भत्ता और परिवहन भत्ता योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति दिए जाने का भी निर्णय लिया गया है।

इसके लिए विद्यार्थियों से नए आवेदन और नवीनीकरण आवेदन संस्था प्रमुख से अनुमोदित कराकर संबंधित क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे।

दोनों ही छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 31 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।