बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, हालांकि बारिश का वितरण असमान बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 8 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल में अगले 24 घंटे के भीतर 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। भोपाल में सुबह से बूंदाबांदी जारी है। सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, शहडोल, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सागर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, खरगोन, खंडवा, धार, झाबुआ, बड़वानी, देवास, मंदसौर और रतलाम सहित कई जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।
बारिश का घाटा
प्रदेश में अब तक सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। अधिकांश जिले अब भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस समय तक 16 इंच (407 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। केवल भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ही ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। देवास में सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है, जो इन जिलों में सबसे अधिक है।
मानसून की संभावित तीव्रता
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 28 से 30 जुलाई के बीच मानसून फिर से तेज हो सकता है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के पास पहुंच चुका है। यह तंत्र झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। जुलाई का महीना भी उम्मीद से कमजोर रहा है। जून में कम बारिश के बाद जुलाई की शुरुआत में अच्छी वर्षा हुई थी, लेकिन पिछले कई दिनों से तेज बारिश का सिलसिला थमने के कारण प्रदेश फिर बारिश के घाटे में पहुंच गया है। सामान्य तौर पर जुलाई में ही पूरे मानसून की लगभग 40 प्रतिशत बारिश होती है।

