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2026-07-31

पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में अवैध रिसॉर्ट पर बंदूकधारी तैनात

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, पन्ना।

पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में स्थित एक कथित अवैध रिसॉर्ट और उसके आसपास की गतिविधियों ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव में खसरा नंबर 1841 पर स्थित लगभग पांच एकड़ भूमि पर बने इस रिसॉर्ट में बंदूकधारी निजी गार्डों की तैनाती सामने आई है।

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यह वही आलीशान रिसॉर्ट है जिसे वन विभाग ने अवैध घोषित किया है, परंतु अब तक इसके विरुद्ध कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। इस रिसॉर्ट का निर्माण वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार और उनकी पत्नी हिमानी सरद द्वारा कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, रिसॉर्ट से कुछ ही दूरी पर लगभग 15 दिन पहले पन्ना टाइगर रिजर्व के चंद्रनगर कोर क्षेत्र में शिकारियों ने गोली मारकर एक चीतल का शिकार कर लिया था। इस घटना ने कोर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जहां वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, वहां निजी बंदूकधारियों की मौजूदगी और हालिया शिकार की घटना चिंता का विषय है।

बाघ पुनर्वास का इतिहास

पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्ष 2002 में 30 से अधिक बाघ थे, लेकिन शिकार और निगरानी की कमी के कारण वर्ष 2008 तक उनकी संख्या घटकर 18 रह गई थी। वर्ष 2009 की शुरुआत में यह टाइगर रिजर्व बाघविहीन हो गया था।

इसके बाद वन विभाग, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयासों से बाघों को पुनः बसाया गया। वर्तमान में यहां 80 से अधिक बाघ मौजूद हैं।

वन्यजीव कार्यकर्ता का पक्ष

वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा है कि कोर क्षेत्र में हथियार रखना अवैध है और पन्ना टाइगर रिजर्व में जो लोग हथियार के साथ रह रहे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन की कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं है।