बुलंद सोच, ग्वालियर।
ग्वालियर में 19 दिन पहले ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने वाले किसान तिलक सिंह राणा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने किसान को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले तीन सूदखोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
कर्ज और प्रताड़ना का विवरण
जांच में सामने आया है कि किसान ने आरोपियों से 5 लाख रुपए उधार लिए थे, जिनमें से 3 लाख रुपए वह चुका चुके थे। बकाया 2 लाख रुपये के लिए किसान ने एक महीने की मोहलत मांगी थी। आरोपियों ने किसान के साथ मारपीट की और घर में घुसकर दोबारा पीटने की धमकी दी। किसान ने इसी प्रताड़ना से तंग आकर यह कदम उठाया।
किसान का शव और सुसाइड नोट बरामद
मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर निवासी 50 वर्षीय किसान तिलक सिंह राणा 9 जुलाई को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। उन्होंने यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र में एजी पुल के पीछे रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को मौके से दो पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था।
सुसाइड नोट में लगाए आरोप
मृतक तिलक सिंह राणा ने अपने सुसाइड नोट में जितेंद्र शर्मा, उसके साले गजेंद्र पुरोहित और लक्ष्मीनारायण को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। सुसाइड नोट में लिखा था कि उन्होंने जितेंद्र शर्मा से 5 लाख उधार लिए थे, जिसमें से 3 लाख रुपये चुका दिए थे। केवल 2 लाख रुपये बकाया थे, जिसके लिए उन्होंने एक महीने का समय मांगा था। जितेंद्र, उसका साला गजेंद्र और लक्ष्मीनारायण समय देने को तैयार नहीं थे और लगातार धमका रहे थे। इन लोगों ने उनके साथ मारपीट भी की थी और फोन पर धमकी दी थी कि अगर रुपये तुरंत नहीं दिए तो वे घर आकर पीटेंगे। किसान ने लिखा था कि “वे घर आकर मारपीट करते और मेरी इज्जत नीलाम होती, इससे बेहतर है कि मैं खुद अपनी जान दे दूं।”
पुलिस की वैधानिक कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर उसे जांच में शामिल किया और मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए। सुसाइड नोट और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी जितेंद्र शर्मा, गजेंद्र पुरोहित और लक्ष्मीनारायण के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

