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2026-08-02

प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द कहने वाली लड़की ने मांगी माफी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहने वाली एक लड़की का माफी मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार देर रात जेन-जी को संबोधित करते हुए अपशब्दों के लिए बच्चों को माफ करने की अपील के बाद सामने आया है।

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हालांकि, इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है।

वीडियो में लड़की अपने कहे गए अपशब्दों के लिए माफी मांगते हुए कहती नजर आ रही है कि वह दिल्ली के कनॉट प्लेस में चल रहे प्रदर्शन में मौजूद लोगों के प्रभाव में आ गई थी।

उसने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे और उन्हीं के प्रभाव में आकर उसने भी प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुचित बातें कहीं।

लड़की ने वीडियो में खुद के नाबालिग होने की बात कही और बताया कि वह केवल 15 साल की है। उसने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी, जहां प्रदर्शन चल रहा था और कई समूह प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दे रहे थे।

उसने आगे कहा, “मैंने जो किया, वह माफी के लायक नहीं था। यह मेरी पहली और आखिरी गलती है। मैं भविष्य में कभी भी इस तरह की बात नहीं कहूंगी और न ही कुछ पोस्ट करूंगी। मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। मुझे अपने किए पर गहरा शर्मिंदगी है और मैं किसी की आंखों में नहीं देख पा रही हूं। कृपया मुझे माफ कर दीजिए।”

प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया

माफी वाला यह वीडियो सामने आने से कुछ घंटे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर जारी एक वीडियो संदेश में इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी।

उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वाले युवाओं को वह माफ करते हैं।

साथ ही, उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसे युवाओं को सजा दिलाने के बजाय उन्हें सही मार्गदर्शन दिया जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “जंतर-मंतर पर जो हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। कुछ शरारती बच्चों ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जो किसी भी सभ्य समाज के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मुझे गालियां दीं और मेरी दिवंगत मां के बारे में भी अपमानजनक बातें कहीं।”

उन्होंने कहा, “बचपन और युवावस्था में गलतियां हो जाती हैं। यही वह उम्र होती है, जब इंसान अपनी गलतियों से सीख सकता है।” प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है कि समाज भी मेरी इस अपील को स्वीकार करेगा।”

पीएम मोदी ने दांत और जीभ का उदाहरण देते हुए कहा, “कई बार हमारी जीभ दांतों के बीच आ जाती है। उससे खून निकल सकता है, लेकिन हम अपने दांत नहीं तोड़ते, क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है।”

उन्होंने कहा, “उसी तरह ये बच्चे भी हमारे हैं। ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें सही रास्ता दिखाना हमारी जिम्मेदारी है। इन्हें सजा देना, अदालतों के चक्कर लगवाना या इनके परिवारों को परेशान करना किसी समस्या का समाधान नहीं है।”