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मध्य प्रदेश में खाद वितरण के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ लागू, मूंग-उड़द खरीद की अंतिम तिथि बढ़ी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

मध्य प्रदेश सरकार के किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग ने प्रदेश के किसानों के हित में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इनमें खाद वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए ‘हाइब्रिड मोड’ लागू करना और ग्रीष्मकालीन मूंग तथा उड़द की खरीद की अंतिम तिथि बढ़ाना शामिल है।

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खाद वितरण में ‘हाइब्रिड मोड’

खाद वितरण को सुगम एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य में 30 जुलाई से ‘हाइब्रिड मोड’ व्यवस्था लागू की गई है।

कृषि विकास विभाग के उप संचालक उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि इस नई व्यवस्था के अंतर्गत, सभी खाद विक्रेताओं को किसानों को खाद बेचते समय उनके आधार कार्ड की फोटोकॉपी, मोबाइल नंबर और कंपनीवार खाद की मात्रा का पूरा विवरण एक निर्धारित रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा।

रजिस्टर में दर्ज की गई यह जानकारी बाद में सरकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। विक्रेताओं को 30 जुलाई तक की ई-विकास प्रणाली का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

मूंग-उड़द उपार्जन की समय-सीमा में वृद्धि

प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द बेचने वाले किसानों के लिए राज्य शासन ने उपार्जन की समय-सीमा में वृद्धि की है।

किसान अब 10 अगस्त तक अपनी उपज के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। सरकारी केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया अब 20 अगस्त तक जारी रहेगी।

जिन किसानों ने 30 जुलाई तक अपनी उपज बेच दी है, उन्हें ई-उपार्जन पोर्टल पर दोबारा स्लॉट बुक करने की सुविधा भी प्रदान की गई है।

फसल उपार्जन नीति में संशोधन

विपणन वर्ष 2026-27 की उपार्जन नीति में आंशिक संशोधन करते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि मूंग के कुल उत्पादन का अधिकतम 60 प्रतिशत तक ही उपार्जन किया जाएगा। इसी प्रकार, उड़द के कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत तक सरकारी स्तर पर उपार्जन किया जाएगा।