बुलंद सोच, भोपाल।
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पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा में पदस्थ 52 वर्षीय इंस्पेक्टर रामकरण पर्ते के बैंक खाते से 1.03 लाख रुपये की ठगी की गई। इंस्पेक्टर रामकरण पर्ते जहांगीराबाद स्थित राजपत्रित अधिकारी परिसर में रहते हैं।
उनका एंड्रायड मोबाइल 29 अगस्त की रात करीब 10 बजे इंडियन काफी हाउस के पास गुम हो गया था। उन्होंने आसपास तलाश की, लेकिन फोन नहीं मिला।
मोबाइल गुम होने की सूचना 31 अगस्त को जहांगीराबाद थाने में दर्ज कराई गई थी।
ठगी का खुलासा और तरीका
मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराने में हुई तीन दिन की देरी के दौरान आरोपित ने मोबाइल में लगी सिम का इस्तेमाल कर खाते से 16 अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए।
इन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल करीब 1.03 लाख रुपये दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब इंस्पेक्टर ने 5 सितंबर को एसबीआई की लाल परेड ग्राउंड शाखा पहुंचकर नई पासबुक में खाते के लेन-देन की एंट्री कराई।
आशंका है कि मोबाइल मिलने के बाद आरोपित ने उसमें लगी सिम को दूसरे फोन में डालकर बैंक खाते से जुड़े यूपीआइ का इस्तेमाल किया।
पुलिस कार्रवाई
लेन-देन सामने आने के बाद इंस्पेक्टर ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की।
स्टेट साइबर थाने में जीरो पर एफआईआर दर्ज कर उसे आनलाइन जहांगीराबाद थाने भेजा गया।
पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब ट्रांजेक्शन के जरिए रकम जिस खाते में पहुंची, उसके धारक और सिम के इस्तेमाल से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।

