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2026-08-12

पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की दुबई संपत्ति की लोकायुक्त फिर करेगा पड़ताल

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई से संपत्ति जुटाने का आरोप है। लोकायुक्त संगठन अब उसकी दुबई में कथित संपत्ति की फिर से खोजबीन करेगा।

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कोर्ट में चालान प्रस्तुत करने से पहले उसके नाम की और बेनामी दोनों तरह की संपत्तियों की गहराई से छानबीन की जा रही है।

लोकायुक्त संगठन में सौरभ शर्मा के विरुद्ध शिकायत करने वाले व्यक्ति ने बताया था कि सौरभ का दुबई में एक बंगला (विला) है, जो एमआर ग्रुप से खरीदा गया है। इसकी कीमत 150 करोड़ रुपये है।

हालांकि, सौरभ शर्मा और उसके करीबियों के यहां छापे के दौरान इस संबंध में कोई दस्तावेज नहीं मिले थे। पूछताछ में उसने या उसके नजदीकी रिश्तेदारों ने दुबई में संपत्ति होने की बात स्वीकार नहीं की थी।

लोकायुक्त पुलिस अब एमआर ग्रुप को फिर पत्र लिखकर यह जानकारी मांगने जा रही है कि सौरभ या कथित तौर पर उसकी काली कमाई को ठिकाने लगाने में शामिल 15 से अधिक लोगों में से किसी के नाम से इस ग्रुप में कोई प्रॉपर्टी खरीदी गई है या नहीं।

छापे के दौरान सामने आया था कि सौरभ का दुबई में आना-जाना रहा है। 19 दिसंबर, 2024 को जब लोकायुक्त पुलिस ने उसके ठिकानों पर छापा मारा था, तब भी स्वजनों ने बताया था कि वह पत्नी के साथ दुबई गया है।

उसने 28 जनवरी, 2025 को भोपाल के जिला न्यायालय में समर्पण किया था।

सौरभ के ठिकानों पर छापे के अगले दिन आयकर की टीम को भोपाल के मेंडोरी गांव में एक लावारिस कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ 60 लाख रुपये नकद मिले थे। कार सौरभ के कारोबार में सहयोगी चेतन गौर के नाम पंजीकृत थी। यह सोना और नकदी भी सौरभ की मानी गई थी।

लोकायुक्त संगठन सितंबर अंत तक उसके विरुद्ध कोर्ट में चालान प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है। इसके पहले उसकी संपत्तियों का विवरण फिर से खंगाला जा रहा है। इसकी ठोस वजह यह भी है कि शिकायतकर्ता ने जिन संपत्तियों का उल्लेख किया था, उनमें अधिकतर जानकारी सही पाई गई है।