बुलंद सोच, भोपाल।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्यप्रदेश में मंगलवार देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिला और ब्लॉक मुख्यालयों पर भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन में महिला कांग्रेस अध्यक्ष, एनयूएसआई अध्यक्ष, भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी की रिहाई नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि पूरे प्रदेश के जिला और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
राजभवन के सामने कांग्रेस का प्रदर्शन
राजभवन (लोकभवन) के सामने धरने पर बैठे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया। सभी को पुलिस वाहनों में बैठाकर वहां से ले जाया गया। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में राजभवन के बाहर भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना देकर राहुल गांधी की गिरफ्तारी का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज दबाने का आरोप लगाया और कार्रवाई वापस लेने की मांग की।
विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का धरना
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर डटे रहे। देर रात तक उनका प्रदर्शन जारी रहा। विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक अचानक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर स्वयं मौके पर पहुंचे और विधायकों से धरना समाप्त करने की अपील की। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और मध्यप्रदेश की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की आत्महत्या जैसे गंभीर मामलों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। स्पीकर ने विधायकों का हालचाल जानने के बाद धरना समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन कांग्रेस विधायक अपनी मांग पर अड़े रहे और धरना जारी रखा। कांग्रेस विधायकों ने निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पर भी टिप्पणी की और कहा कि एक कमरे में विश्वविद्यालय खुलेंगे तो पढ़ाई कैसे होगी।
विजयवर्गीय और सिंघार में तीखी बहस
धरने के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कांग्रेस विधायकों से बातचीत करने पहुंचे। कांग्रेस विधायकों ने नीट परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि नीट परीक्षा पूरी हो चुकी है और किसी भी विषय पर चर्चा सदन के नियमों के तहत ही होगी। इस पर उमंग सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा कि विजयवर्गीय ने छात्रों को राष्ट्रद्रोही कहा था, इसलिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। विजयवर्गीय ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा जिसके लिए माफी मांगनी पड़े। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने कैलाश विजयवर्गीय माफी मांगो के नारे लगाए, जिसके बाद विजयवर्गीय वहां से लौट गए।
एनएसयूआई का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को भोपाल में एनएसयूआई ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। एनएसयूआई के राष्ट्रीय सह प्रभारी डॉ. अंशुल त्रिवेदी और प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने केंद्र सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। संगठन ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।
