BREAKING NEWS
2026-07-29

राहवीर योजना: सवा साल में 90 हजार हादसों के बीच केवल 49 मददगार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

प्रदेश में भारत सरकार की राहवीर योजना लागू हुए सवा साल हो गए हैं। सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए केवल 49 राहवीर ही सामने आए हैं। इन राहवीरों ने गोल्डन आवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

Advertisement

राज्य सरकार ने इन 49 राहवीरों को 25 हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया है। इन राहवीरों को कुल 12 लाख 25 हजार रुपये की राशि दी गई है।

पुलिस का भय और कानूनी प्रक्रिया में उलझने की आशंका जैसी वजहों से राहवीर सड़क हादसों में घायलों की मदद करने से कतराते हैं।

सड़क हादसों के आंकड़े

प्रदेश में डेढ़ साल में 90 हजार 138 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन दुर्घटनाओं में 95 हजार 843 लोग घायल हुए और 25 हजार 869 लोगों की मृत्यु हुई।

योजना का उद्देश्य और प्रावधान

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 21 अप्रैल 2025 को राहवीर योजना शुरू की गई थी। योजना के अंतर्गत सबसे बड़ी शर्त यह है कि घायल को दुर्घटना के पहले घंटे में अस्पताल पहुंचाया जाए।

सड़क दुर्घटना में घायल को एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसकी मौत का खतरा 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है। केंद्र सरकार ने इसे प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना शुरू की।

गंभीर घायल को दुर्घटना के पहले घंटे में अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रविधान योजना में किया गया है। यह भी साफ कर दिया गया है कि मदद करने वाले से पुलिस कोई पूछताछ नहीं करेगी न ही गवाह बनाएगी।

इन प्रावधानों के बाद भी योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश की स्थिति ठीक नहीं है।

प्रोत्साहन राशि पाने वाले राहवीर

29 जिले से 49 राहवीरों को प्रोत्साहन राशि मिली है। इनमें विदिशा, अनूपपुर, खरगोन और देवास से चार-चार राहवीर शामिल हैं। श्योपुर, सिवनी, उमरिया, ग्वालियर, बड़वानी, पन्ना, शिवपुरी और जबलपुर से दो-दो राहवीर हैं। बालाघाट, मंडला, उज्जैन, झाबुआ, कटनी, मंदसौर, सतना, नर्मदापुरम, खंडवा, गुना, भिंड, इंदौर, धार, बैतूल, रीवा, बुरहानपुर और सागर से एक-एक राहवीर को प्रोत्साहन राशि मिली है।

महानगरों में सड़क हादसों की स्थिति (डेढ़ साल के आंकड़े)

भोपाल में 4121 हादसे हुए, जिनमें 3336 लोग घायल हुए और 316 लोगों की मृत्यु हुई। इंदौर में 5404 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 4443 लोग घायल हुए और 441 लोगों की मृत्यु हुई। ग्वालियर में 2934 हादसों में 2412 लोग घायल हुए और 551 लोगों की मृत्यु हुई। जबलपुर में 5333 हादसों में 6444 लोग घायल हुए और 993 लोगों की मृत्यु हुई।