बुलंद सोच, सागर।

सागर सिविल लाइन पुलिस ने लोगों को फर्जी नायब तहसीलदार बनकर झांसा देने वाले आरोपी शिवम चतुर्वेदी निवासी गढ़ाकोटा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से सीहोरा, जिला जबलपुर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दंडाधिकारी कार्यालय का नायब तहसीलदार पद का फर्जी आई-कार्ड, सील और कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस आरोपी के फरार साथी अमित की तलाश कर रही है।
एफआईआर के अनुसार, आरोपी शिवम की मुलाकात प्रबल सिंह ठाकुर निवासी तिली के पिता से भोपाल से सागर आते समय एक बस में हुई थी। शिवम ने अपना नाम शिवम तिवारी बताया और कहा कि उसने इनकम टैक्स ऑफिसर की नौकरी छोड़कर सीहोरा में नायब तहसीलदार की नौकरी जॉइन की है।
इसके बाद उसने शासकीय काम के लिए गाड़ी की जरूरत बताकर फरियादी को झांसे में लिया।
आरोपी की बातों में आकर फरियादी ने 17 अगस्त 2026 को एक नई बोलेरो खरीदी, जिसका नंबर MP 15 ZS 9934 था। यह गाड़ी पांच साल के लिए हर महीने 1.05 लाख रुपए देने के फर्जी एग्रीमेंट पर आरोपी को सौंप दी गई।
आरोपी इस बोलेरो पर हूटर और नायब तहसीलदार की नेमप्लेट लगाकर घूम रहा था। बाद में फरियादी को उसके बयानों पर संदेह हुआ।
फरियादी ने 4 सितंबर को आरोपी से वरिष्ठ अधिकारियों से बात कराने और मूल दस्तावेज दिखाने को कहा। आरोपी अपने साथी अमित के साथ पहुंचा। कड़ाई से पूछताछ करने पर जब उससे दस्तावेज मांगे गए तो फर्जी आई-कार्ड सामने आ गया। इसके बाद आरोपी फोन पर बात करने का बहाना बनाकर मौके से भाग निकला और बोलेरो वहीं छोड़ गया।
शिकायत के बाद सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले का जल्द खुलासा किए जाने की बात कही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी शिवम पहले भी इसी तरह की वारदातों में पकड़ा जा चुका है। करीब एक साल पहले ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने सागर के चार युवकों के एक गिरोह को पकड़ा था।
यह गिरोह हाईवे पर खुद को पुलिसकर्मी बताकर अवैध वसूली करता था और बेरोजगार युवाओं को पुलिस में भर्ती कराने का झांसा देकर ठगी करता था। पुलिस के मुताबिक, उस गिरोह का सरगना भी गढ़ाकोटा का शिवम चतुर्वेदी ही था।
जेल से बाहर आने के बाद उसने ठगी के लिए नया तरीका अपनाया।

