बुलंद सोच, उज्जैन।

उज्जैन के सदावल रोड स्थित दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज के खिलाफ महाकाल थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म, मारपीट और ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किया है।
एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलते ही महामंडलेश्वर ज्ञानदास आश्रम छोड़कर चले गए। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि एफआईआर दर्ज करने के बाद से आरोपी की तलाश जारी है।
उनके शिष्य जुगलदास के अनुसार, शुक्रवार रात महाराज की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। जुगलदास ने बताया कि महाराज इलाज कराने की बात कहकर आश्रम से निकले थे और उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इसकी जानकारी नहीं है।
शिकायतकर्ता महिला, जो दो दिन पहले थाने में शिकायत दर्ज करा चुकी थी, ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसकी मुलाकात दत्त अखाड़ा आश्रम में ज्ञानदास से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच फेसबुक के जरिए बातचीत शुरू हुई।
महिला का आरोप है कि गुरु पूर्णिमा-2025 पर वह अपने भाई के साथ दादू आश्रम पहुंची और कुछ दिन वहीं रुकी। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
महिला ने विरोध करने पर मारपीट, जान से मारने की धमकी और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का भी आरोप लगाया है।
महिला ने यह शिकायत प्रदेश के गृह मंत्री, डीजीपी, आईजी और एसपी को भी भेजी है।
मामला सामने आने के बाद ज्ञानदास ने महिला के आरोपों को खारिज किया था। उनका कहना था कि महिला एक साल से उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी और हनीट्रैप में फंसाने का प्रयास कर रही थी।
ज्ञानदास के मुताबिक, ब्लैकमेलिंग से जुड़े ऑडियो, वीडियो और अन्य दस्तावेजी सबूत पुलिस को सौंप दिए गए हैं।
इस मामले में महिला और महामंडलेश्वर के बीच कथित वॉट्सएप चैट, लाठी से पिटाई का वीडियो और मैरिज सर्टिफिकेट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही हैं।
वॉट्सएप चैट में महिला ने लिखा, “डॉक्टर ने 10 दिन बाद दिखाने को कहा था। मैं प्रेग्नेंट हूं, आप मुझे डॉक्टर के पास कब लेकर चलेंगे? आपने जो किया, उसका पाप मैं पाल रही हूं।”
इसके जवाब में बाबा ज्ञानदास ने लिखा, “यह तो खुशखबर है। प्रेग्नेंट होने की बात 1001% झूठी है, लेकिन 1% सही है तो महाकाल का धन्यवाद दे कि बुढ़ापे के सहारे की चिंता खत्म हो गई। डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है।”
श्री पंचायती निर्मोही पानी अखाड़े से जुड़े ज्ञानदास के यहां कुछ दिन पहले पथराव भी हुआ था, जिसमें उनकी कार के शीशे टूट गए थे।
ज्ञानदास कई बार शिप्रा नदी के दूषित होने के मुद्दे को लेकर अनशन और विरोध-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। महाराज के उज्जैन में दो अलग-अलग आश्रम हैं, पहला सदावल रोड स्थित दादू आश्रम है, जबकि दूसरा आश्रम पिपली नाका पर है।

