बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर-देवास बायपास पर स्थित अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर का निर्माण चार महीने पहले पूरा हो चुका है और इस पर आवाजाही जारी है। हालांकि, फ्लाईओवर से लगी सर्विस रोड अभी भी गड्ढों से भरी हुई है। बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
एजेंसी को फ्लाईओवर बनने के बाद सर्विस रोड की मरम्मत करनी थी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मई में ही एजेंसी को मरम्मत के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक गड्ढे नहीं भरे गए हैं।
इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। कई बार भारी वाहनों के गड्ढों में उतरने से यातायात भी प्रभावित होता है। बरसात में स्थिति और खराब हो गई है, क्योंकि सड़क पर बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लगता।
वाहन चालकों के अनुसार, दोपहिया और चारपहिया वाहन अचानक गड्ढों में उतरने से अपना संतुलन खो देते हैं। रात के समय और तेज बारिश में यह रास्ता बेहद जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। एनएचएआई अधिकारी के अनुसार, बरसात रुकने पर सड़क सुधारी जाएगी।
मांगलिया ओवरब्रिज निर्माण से परेशानी
मांगलिया में रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का पैदल आवागमन मुश्किल हो गया है। वर्षा के चलते मार्ग पर कीचड़ और फिसलन होने से लोग गिर रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू हुए सात महीने से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन अब तक दोनों तरफ के पिलरों का काम भी पूरा नहीं हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश से पहले गारीपिपलिया के जंगल वाले रास्ते से बाइक सवार रेलवे की छोटी पुलिया के नीचे से आसानी से आवागमन करते थे। अब पुलिया के नीचे पानी भर गया है और रास्ते में कीचड़ होने के कारण दोपहिया वाहन नहीं निकल पा रहे हैं।
नौकरीपेशा लोग, दुकानदार और खरीददारी करने वाले लोग अपने वाहनों को क्रासिंग से पहले खड़ा करके पैदल ही अपने गंतव्य तक जा रहे हैं। इस बीच, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) तेल डिपो के टैंकरों का जमावड़ा और क्रासिंग के दूसरी ओर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के टैंकरों के सड़क पर खड़े रहने से पैदल और दोपहिया सवारों का निकलना और भी मुश्किल हो गया है।
सबसे ज्यादा परेशानी मांगलिया आने-जाने वाले स्कूली बच्चों को हो रही है। कई बच्चों के पैर फिसलने से वे कीचड़ में गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे से मांग की है कि निर्माण अवधि में वैकल्पिक सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था की जाए और टैंकरों की अवैध पार्किंग पर रोक लगाई जाए।
निमाड़ अंचल में वर्षा
मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में जमकर बादल बरसे हैं। खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर में कई जगहों पर पानी भर गया है।

