बुलंद सोच, उज्जैन।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच राज्य शासन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) के अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता जगदीश अग्रवाल को सिंहस्थ मेला प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। शासन के इस आदेश में 14 जून 2005 के उस विभागीय आदेश का उल्लेख है, जिसके तहत प्रत्येक 12 वर्ष में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व के लिए सिंहस्थ मेला प्राधिकरण का गठन किया गया था।
अग्रवाल की भूमिका और अनुभव
72 वर्षीय जगदीश अग्रवाल के पास संगठन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का लंबा अनुभव है। उन्हें सिंहस्थ मेला प्राधिकरण की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब सिंहस्थ-2028 के लिए शहर में बड़े पैमाने पर अधोसंरचना और मेला क्षेत्र से जुड़े विकास कार्य चल रहे हैं। मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने और सिंहस्थ की तैयारियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण होगी। शासन के 12 अगस्त के आदेश से सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में मेला प्राधिकरण की भूमिका को औपचारिक रूप से नई गति मिलने के संकेत हैं। अग्रवाल को मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं, विकास कार्यों, विभिन्न विभागों के समन्वय और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर काम करना होगा। सिंहस्थ की तैयारियों के अगले चरण में प्राधिकरण की सक्रियता बढ़ने के साथ अग्रवाल की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।
उज्जैन विकास प्राधिकरण से संबंध
जगदीश अग्रवाल का यूडीए से भी पुराना संबंध रहा है। राज्य शासन ने उन्हें 24 अगस्त 2015 को उज्जैन विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उस समय वे भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य थे। अग्रवाल ने 2015 से 2018 तक यूडीए अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ, जिसके बाद उन्होंने 22 दिसंबर 2018 को यूडीए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में करीब चार वर्षों तक प्राधिकरण में कोई राजनीतिक नियुक्ति नहीं हुई और संभागायुक्त प्रशासक के रूप में यूडीए का दायित्व संभालते रहे। वर्तमान में रवि सोलंकी यूडीए अध्यक्ष हैं।
राजनीतिक सफर
अग्रवाल का राजनीतिक सफर भी लंबा है। वे वर्ष 1972 में विद्यार्थी परिषद से जुड़े थे। 2015 की खबर के अनुसार, वे वर्ष 2006 से 2010 तक भाजपा नगर अध्यक्ष भी रहे। आपातकाल के दौरान वे मीसाबंदी रहे। संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के कारण उन्हें भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता है। अब करीब आठ वर्ष बाद उन्हें फिर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी मिली है। फर्क यह है कि 2015 में वे यूडीए की कमान संभाल रहे थे, और अब उसी शहर में होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए गठित मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे।

