बुलंद सोच, उज्जैन।
उज्जैन के खाचरौद शहर में एक परिवार ने अपनी 18 वर्षीय जीवित बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। यह कदम अलग समाज के युवक से प्रेम विवाह करने पर परिवार की नाराजगी के कारण उठाया गया।
परिवार ने बेटी की तस्वीर जलाई और ‘गोरनी’ की रस्म निभाई। उन्होंने घोषणा की कि आज से वह उनके लिए मृत समान है।
यह पूरा कार्यक्रम प्रजापति समाज के लोगों की मौजूदगी में खाचरौद शहर में किया गया। परिवार के अनुसार, बेटी की उम्र लगभग 18 वर्ष 2 माह है और वह पेशे से मेकअप आर्टिस्ट है।
आरोप है कि बेटी ने अपनी पसंद से दूसरे समाज के युवक से प्रेम विवाह कर लिया।
बेटी की तस्वीर को अग्नि देकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया गया। समाज की पारंपरिक ‘गोरनी’ रस्म निभाकर परिवार ने उससे सभी रिश्ते समाप्त करने की घोषणा की।
इस रस्म के बाद त्याग किए गए परिवार के सदस्य से परिवार के अन्य सदस्यों का कोई रिश्ता या जुड़ाव नहीं रह जाता है।
पिता और दोनों भाइयों ने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया कि आज से बेटी के साथ उनके सभी पारिवारिक और सामाजिक संबंध समाप्त हैं।
इस दौरान पिता और दोनों भाई भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बेटी का बड़े स्नेह और संघर्ष के साथ पालन-पोषण किया था, लेकिन अब उससे सभी रिश्ते खत्म कर रहे हैं।
समाज के लोगों ने कहा कि यह कदम उन युवतियों के लिए एक संदेश है, जो यह सोचती हैं कि केवल वही अपने माता-पिता का त्याग कर सकती हैं। उनका कहना था कि माता-पिता भी ऐसी स्थिति में अपनी बेटी से संबंध समाप्त करने का निर्णय ले सकते हैं।
परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि ऐसे मामलों में विवाह पंजीकरण से पहले माता-पिता को सूचना देने की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिल सके।

