बुलंद सोच, उज्जैन।
धर्मधानी उज्जैन में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक श्रावण मास चलेगा, जिसमें आस्था का ज्वार उमड़ेगा। देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को देखते हुए शासन, प्रशासन और मंदिर समितियों ने दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
महाकाल मंदिर में प्रवेश और निकासी
महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को चार प्रवेश द्वारों से प्रवेश दिया जाएगा। श्रावण-भाद्रपद मास के लिए दर्शन व सवारी की व्यवस्था तय हो गई है। व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए कर्मचारियों के अवकाश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
भीड़ नियंत्रण के उपाय
भीड़ बढ़ने पर परिसर में भक्तों का प्रवेश बंद रहेगा। दर्शनार्थियों को भूमिगत टनल के माध्यम से बड़े गणेश मंदिर की ओर निर्गमित किया जाएगा।
कालभैरव मंदिर में विशेष इंतजाम
ज्योतिर्लिंग महाकाल के बाद कालभैरव मंदिर में भक्तों की सबसे अधिक संख्या रहती है। मंदिर में द्वारों की संख्या सीमित होने के कारण सुगम दर्शन व्यवस्था व भीड़ नियंत्रण में खासी परेशानी आती है। बारिश से बचाव के लिए शेड आदि का इंतजाम भी नहीं है।
कालभैरव मंदिर में सामान्य, सशुल्क और वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग कतारों में प्रवेश दिया जाएगा। अत्यधिक भीड़ होने पर प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था को भी परिवर्तनशील रखने का निर्णय लिया गया।
साथ ही, दर्शनार्थियों को बारिश से बचाने के लिए दानदाता के सहयोग से शेड लगवाने पर भी चर्चा हुई।
प्रशासनिक बैठक में विचार-विमर्श
दर्शन प्लान तैयार करने के लिए प्रशासन ने बुधवार को कोठी स्थित प्रशासनिक भवन में मंदिर प्रबंधकों की बैठक बुलाई तथा की जाने वाली व्यवस्था पर विचार विमर्श किया। बैठक में एसडीएम एलएन गर्ग, एसडीएम राजाराम करजरे, कालभैरव मंदिर की प्रबंधक संध्या मार्कण्डेय, अंगारेश्वर मंदिर के प्रबंधक गोपाल शर्मा और मंगलनाथ मंदिर के प्रबंधक केके पाठक मौजूद थे।
अंगारेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक
महाकाल वन में सभी नवग्रह शिवलिंग रूप में विराजित हैं। इनमें मंगलनाथ व अंगारेश्वर महादेव को मंगल ग्रह का जन्म स्थान माना जाता है। श्रावण मास में इन दोनों मंदिरों में जलाभिषेक का विशेष महत्व है। जलाभिषेक की अच्छी व्यवस्था श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर में है।
यहां भक्त पूरे दिन भगवान अंगारेश्वर का नि:शुल्क जलाभिषेक करते हैं। श्रावण मास में भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन व पुजारी परिवार द्वारा जलाभिषेक के विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
भोपाल में मुक्तेश्वर महादेव की सवारी
श्रावण-भादौ मास में महाकाल की तरह भोपाल में मुक्तेश्वर महादेव की पांच सवारी निकलेगी।

