BREAKING NEWS
2026-08-10

विदिशा स्टॉप डैम मामला: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया, मध्य प्रदेश सरकार से दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, विदिशा।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश में विदिशा संसदीय क्षेत्र में बेतवा नदी पर स्थित स्टॉप डैम के खंभों से छलांग लगाकर बच्चों के स्कूल पहुंचने के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।

Advertisement

आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

उल्लेखनीय है कि इस मामले का मध्य प्रदेश हाई कोर्ट भी संज्ञान ले चुका है।

हाई कोर्ट ने निरीक्षण कराकर इस मामले में रिपोर्ट तलब की थी और अधिकारियों को तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

हाई स्कूल की पढ़ाई के लिए ककरुआ और आसपास के गांवों के बच्चों को ग्राम पलोह स्थित शासकीय हाई स्कूल में जाना पड़ता था, क्योंकि उनके गांव में उच्चीकृत विद्यालय नहीं था।

चूंकि सड़क मार्ग से वहां तक जाने के लिए 15 किलोमीटर लंबा रास्ता था, इसलिए वे बेतवा नदी के स्टॉप डैम के खंभों को छलांग लगाकर स्कूल तक जाया करते थे।

यहां से उनके स्कूल की दूरी महज डेढ़ किलोमीटर थी।

छात्र-छात्राओं का स्टॉप डैम के खंभों पर छलांग लगाकर स्कूल जाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया।

हालांकि, हाई कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने से पहले ही स्टॉप डैम वाला रास्ता बंद करके बच्चों के गांव वाले स्कूल को उच्चीकृत करके हाई स्कूल तक कर दिया गया था।

वीडियो सामने आने के बाद सरकार और प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए तीन दिन के भीतर बंधेरा में हाई स्कूल शुरू कर दिया।

मानवाधिकार आयोग ने कहा कि बच्चों को 15 किलोमीटर की दूरी बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही थी, जो बच्चों के शिक्षा और सुरक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है।

आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 21-ए, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित ढंग से स्कूल पहुंचाना भी राज्य की जिम्मेदारी है।

विदिशा जिला प्रशासन ने अब बेतवा नदी पर पलोह और ककरुआ गांवों के बीच स्थायी पुल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

लोक निर्माण विभाग (ब्रिज) पुल निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजेगा।

लोक निर्माण विभाग (ब्रिज) के कार्यपालन यंत्री ए.आर. मोरे ने बताया कि तत्काल राहत के तौर पर स्टॉप डैम के खुले हिस्सों पर लोहे की जालियां बिछा दी गई हैं, ताकि बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही कुछ हद तक सुरक्षित हो सके।

उधर, जिला पंचायत ने इस मामले की जानकारी समय पर प्रशासन तक नहीं पहुंचाने को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा ग्राम पंचायत मुंडरा हरिसिंह के सरपंच और सचिव को नोटिस जारी किया है।