बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर में रेत के अवैध परिवहन और उससे जुड़े विवादों के कारण यह शहर पहले से सुर्खियों में रहा है। अब रेत के भंडारण और बिक्री का एक नया संकट सामने आया है। रेत कारोबार से जुड़े विवाद में हाल ही में हुई एक हत्या के बाद जिला प्रशासन ने परिवहन और भंडारण पर अपनी निगरानी कड़ी कर दी है।
जब्त रेत और सुरक्षा का मुद्दा
जिला प्रशासन की कार्रवाई के दौरान लगभग 400 से अधिक हाइवा रेत जब्त की गई है। यह रेत शहपुरा और पाटन के कई क्षेत्रों में रखी है। इस जब्त रेत के उठाव और बिक्री न होने से अब इसकी सुरक्षा का संकट गहरा गया है। सूत्रों के अनुसार, इस स्टॉक से रेत की चोरी भी शुरू हो गई है।
वैध ठेकेदारों को बेचने की तैयारी
रेत चोरी की घटनाओं के बाद खनिज विभाग अब इस जब्त रेत को वैध ठेकेदारों को बेचने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए मंडला में रेत उत्खनन का ठेका लेने वाले एक ठेकेदार से संपर्क किया गया है। इसे शासकीय विभागों को देने की बजाय ठेकेदार को बेचा जाएगा, जिससे विभाग की आय में वृद्धि होगी।
मंडला के ठेकेदार की प्रतिक्रिया का इंतजार
मंडला के ठेकेदार को इस काम के लिए चयनित किया गया है, लेकिन अब तक ठेकेदार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस बीच, जब्त रेत की चोरी की संभावना बढ़ती जा रही है।
जिले में रेत ठेके की स्थिति
जबलपुर जिले में नर्मदा से रेत उत्खनन के लिए खनिज विभाग ने करीब दो से तीन बार ठेका निकाला, लेकिन कोई भी ठेकेदार इस ठेके को लेने नहीं आया। जिले में पहले 42 वैध रेत खदानें थीं, लेकिन दो बार ठेका न होने की वजह से इनकी संख्या घटाकर लगभग 35 कर दी गई। तीसरी बार भी ठेका निकाला गया, इसके बावजूद कोई ठेकेदार सामने नहीं आया। अब चौथी बार ठेका अक्टूबर में होने की संभावना है।
अवैध उत्खनन और ठेकेदारों का डर
सूत्र बताते हैं कि जिले में नर्मदा नदी पर बनी अवैध और वैध रेत खदानों से बड़े स्तर पर अवैध उत्खनन हो रहा है। रात के समय रेत से भरे हाइवा और डम्पर बाईपास से होते हुए शहर की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। अवैध उत्खनन करने वाले रेत माफियाओं से डरे ठेकेदार अब ठेका लेने से पीछे हट रहे हैं।
जिला खनिज अधिकारी का बयान
जबलपुर के जिला खनिज अधिकारी सतीश मिश्रा ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा जब्त की गई अवैध रेत को बेचा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे मंडला के ठेकेदार को देने का निर्णय लिया गया है और उनसे इस संबंध में बातचीत चल रही है।

