बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर में सांदीपनि स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को अब विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) और जनशिक्षक बनने का अवसर नहीं मिलेगा। शिक्षा विभाग, भोपाल से प्राप्त निर्देशों के आधार पर जिला स्तर पर यह निर्णय लिया गया है।
हाल ही में बीएसी और जनशिक्षक पदों के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में आयोजित काउंसलिंग में सांदीपनि स्कूलों के कुछ शिक्षक भी शामिल होने पहुंचे थे। इस संबंध में भोपाल स्थित शिक्षा विभाग से मार्गदर्शन मांगा गया था, जिसने इन शिक्षकों को काउंसलिंग में शामिल करने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया।
इस निर्णय के परिणामस्वरूप, सांदीपनि स्कूलों में कार्यरत शिक्षक अब शेष रिक्त पदों के लिए होने वाली दूसरी काउंसलिंग में भी पात्र नहीं होंगे।
जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) योगेश शर्मा ने बताया कि विकासखंड अकादमिक समन्वयक एवं जनशिक्षक के शेष रिक्त पदों की पूर्ति हेतु दूसरी काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसके लिए पात्र लोकसेवकों को सहमति पत्र, आवश्यक जानकारी एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र 11 अगस्त तक जिला शिक्षा केंद्र, जबलपुर में जमा करना होगा।
बीएसी और जनशिक्षक के पदों की पूर्ति के लिए पहली काउंसलिंग 6 अगस्त को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित की गई थी। पहली काउंसलिंग के बाद रिक्त रह गए पदों को भरने के लिए अब दूसरी काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
जिले में जनशिक्षकों के कुल 38 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 11 पदों पर नियुक्ति हो चुकी है, जबकि 27 पद अभी रिक्त हैं। वहीं, विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) के कुल 12 पद हैं और ये सभी पद वर्तमान में रिक्त बताए गए हैं।
डीपीसी योगेश शर्मा के अनुसार, सांदीपनि स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना एक विशेष प्रक्रिया के तहत परीक्षा के माध्यम से की जाती है। इसी कारण इन स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को बीएसी और जनशिक्षक पद के लिए पात्र नहीं माना गया है। अब दूसरी काउंसलिंग में केवल निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले पात्र लोकसेवकों को ही अवसर दिया जाएगा।

