बुलंद सोच, चित्रकूट।

चित्रकूट पुलिस को देवांगना घाटी में एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस ने इस प्रकरण में वांछित तीनों इनामी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन पर प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक पीयूषकांत राय तथा क्षेत्राधिकारी नगर सत्येंद्र सिंह एवं क्षेत्राधिकारी मऊ फहद अली के पर्यवेक्षण में एसओजी और बहिलपुरवा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
भरतकूप क्षेत्र में मड़फा पहाड़-हुडा रोड पर घेराबंदी के दौरान मुख्य आरोपित जितेंद्र उर्फ भोले ने भागने का प्रयास किया। इस दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने मौके से उसके दो अन्य साथियों, विवेक कुमार पटेल और प्रवीण पटेल, को भी दबोच लिया। तीनों आरोपित देवांगना घाटी में छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म प्रकरण में वांछित थे।
आरोपितों के कब्जे से दो देशी तमंचे (315 बोर), तीन जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
घायल आरोपित और एक घायल पुलिसकर्मी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
घटना का विवरण
यह मामला 22 जुलाई को चित्रकूट की देवांगना घाटी में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना से संबंधित है।
सतना निवासी 20 वर्षीय छात्रा अपने नाबालिग ब्वॉयफ्रेंड के साथ पहाड़ी क्षेत्र में गई थी।
इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और खुद को वनकर्मी बताकर दोनों को धमकाया।
आरोपितों ने युवक को बेल्ट से पीटा, उसके हाथ-पैर बांध दिए और छात्रा को झाड़ियों में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपित मौके से फरार हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू की थी।
पुलिस का स्पष्टीकरण
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि पीड़िता नीट की छात्रा नहीं, बल्कि इंटरमीडिएट की छात्रा है।
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक जानकारियों का खंडन करते हुए पुलिस ने बताया कि मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है।

