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2026-07-29

वडोदरा ड्रग्स मामले में झाबुआ से कियोस्क संचालक हिरासत में, मुख्य आरोपी फरार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, झाबुआ।

गुजरात के वडोदरा में पकड़े गए एमडी ड्रग्स के एक बड़े मामले के तार अब मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से जुड़ गए हैं। रविवार देर शाम गुजरात पुलिस की एक टीम ने झाबुआ जिले के थांदला में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कियोस्क संचालक को हिरासत में ले लिया है, जबकि मामले का मुख्य आरोपी अभी भी फरार चल रहा है।
कुछ दिन पूर्व गुजरात के वडोदरा पुलिस ने समीर पठान नामक एक ड्रग पैडलर को 50 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था।
पूछताछ के दौरान आरोपी समीर ने खुलासा किया था कि उसने यह ड्रग्स थांदला के वार्ड नंबर 13 निवासी जुबेर अशरद पठान से लिया था।
जांच में यह भी सामने आया कि समीर ने इस ड्रग्स के एवज में लगभग 80 हजार रुपये थांदला के कियोस्क संचालक विशाल प्रजापत के खाते में ट्रांसफर किए थे।
गुजरात पुलिस को कियोस्क संचालक विशाल प्रजापत के मोबाइल फोन से इस अवैध कारोबार से जुड़े कुछ आपत्तिजनक वॉट्सएप चैट और ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं।
इसी वॉट्सएप चैट और वित्तीय लेन-देन के आधार पर वडोदरा पुलिस रविवार को थांदला पहुंची।
स्थानीय पुलिस के सहयोग से गुजरात पुलिस ने करीब 5 घंटे की लंबी मशक्कत के बाद कियोस्क संचालक विशाल प्रजापत को हिरासत में ले लिया और अपने साथ ले गई।
हालांकि, ड्रग्स तस्करी का मुख्य आरोपी जुबेर पठान पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
टीआई अशोक कनेश ने पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल, गुजरात पुलिस हिरासत में लिए गए कियोस्क संचालक से पूछताछ कर रही है और फरार मुख्य आरोपी जुबेर पठान की धरपकड़ के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।

परिजनों का बचाव

दूसरी ओर, हिरासत में लिए गए कियोस्क संचालक विशाल प्रजापत के परिजनों ने उसका बचाव किया है।
परिजनों का कहना है कि विशाल का इस अवैध कारोबार से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है और वह केवल एक साधारण कियोस्क (ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की दुकान) चलाता है।
परिजनों का दावा है कि जुबेर पठान ने धोखे से या किसी अन्य कार्य का झांसा देकर उसके खाते में पैसों का ट्रांजैक्शन करवाया है तथा विशाल का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह पूरी तरह निर्दोष है।

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