बुलंद सोच, गुवाहाटी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य सरकार में मंत्री केशव महंता की बेटी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री सरमा ने इस बात पर दुख व्यक्त किया, लेकिन साथ ही कहा कि हर वयस्क व्यक्ति को अपनी राजनीतिक सोच रखने का अधिकार है।
सीएम सरमा ने आगे कहा कि उनका भाई भी हमेशा उनकी बात नहीं मानता और उनके बच्चे भी उनकी कई बातें नहीं मानते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं है कि बच्चों की राजनीतिक विचारधारा उनके माता-पिता जैसी ही हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के बारे में उनकी बेटी ने जो कहा, उससे उन्हें दुख हुआ और जब वह उससे मिलेंगे तो इस विषय पर बात करेंगे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी वयस्क बेटे या बेटी के विचारों के लिए माता-पिता को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उनका बेटा कल वकील बनता है और किसी ऐसे व्यक्ति का केस लड़ता है जिसे वह पसंद नहीं करते, तो उसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
मंत्री का बचाव
मुख्यमंत्री ने मंत्री केशव महंता का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि केशव महंता इस समय ऐसी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, जिसमें उन्हें राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करनी है। सीएम सरमा के अनुसार, ऐसे समय में उन पर मानसिक दबाव डालने से किसी का भला नहीं होगा।
पूरा मामला
यह पूरा मामला देश भर में नीट पेपर लीक के क्रम में गुवाहाटी में हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन में राज्य के मंत्री केशव महंता की बेटी दिविशा महंता भी शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री पर कई टिप्पणियां कीं, जो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुईं। इसे लेकर सोशल मीडिया पर तमाम यूजर्स ने मंत्री को निशाना बनाया।
राज्य सरकार के मंत्री केशव महंता असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता हैं, जो राज्य की सत्ताधारी एनडीए की सहयोगी है। मंत्री केशव महंता लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं।

