बुलंद सोच, ग्वालियर।
भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया के तहत शारीरिक परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) का आयोजन अक्टूबर के पहले और दूसरे सप्ताह में सागर में किया जाएगा। इसके लिए सागर जिला प्रशासन ने सेना भर्ती कार्यालय को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है।
यह परीक्षा सागर स्थित इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के मैदान में होगी। इस शारीरिक परीक्षा में करीब 12 हजार अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे।
ऑनलाइन लिखित परीक्षा का विवरण
अग्निवीर भर्ती के पहले चरण के तहत ऑनलाइन लिखित परीक्षा अप्रैल में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 46 हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया था।
इनमें से लगभग 12 हजार उम्मीदवार सफल घोषित हुए हैं, जिन्हें अब शारीरिक परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। शारीरिक परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम तय होने के बाद सफल अभ्यर्थियों को ई-मेल के माध्यम से प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) भेजे जाएंगे और उम्मीदवारों को निर्धारित तिथि तथा समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा।
अभ्यर्थियों की संख्या और व्यवस्थाएँ
सागर में होने वाली इस परीक्षा में प्रदेश के 10 जिलों के करीब 12 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। इनमें लगभग 70 प्रतिशत अभ्यर्थी ग्वालियर, भिंड और मुरैना जिले के हैं।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और सेना भर्ती कार्यालय व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहे हैं।
यात्रा संबंधी चुनौतियाँ और समाधान
भिंड, मुरैना और शिवपुरी के अभ्यर्थियों को परीक्षा स्थल तक पहुंचने में यात्रा संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि इन जिलों से सागर के लिए पर्याप्त ट्रेन सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
ऐसे में उम्मीदवारों को पहले ग्वालियर पहुंचना होगा और वहां से ट्रेन के जरिए सागर जाना पड़ेगा। सीमित रेल सेवाओं के कारण कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले ही ग्वालियर पहुंचना पड़ सकता है, ताकि समय पर सागर के लिए ट्रेन पकड़ सकें और निर्धारित तिथि पर शारीरिक परीक्षा में शामिल हो सकें।
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सेना के अधिकारी रेलवे को विशेष ट्रेन चलाने के लिए पत्र लिखेंगे, ताकि भिंड, मुरैना, शिवपुरी और आसपास के जिलों के उम्मीदवारों को सागर तक पहुंचने में आसानी हो और परीक्षा में शामिल होने में किसी तरह की परेशानी न आए।
सेना भर्ती कार्यालय के निदेशक कर्नल पंकज कुमार ने बताया कि रेलवे को भी पत्र लिखेंगे, ताकि स्पेशल ट्रेन चलाई जाए और वर्तमान ट्रेन में बोगियां बढ़ाई जाएं।

