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2026-08-14

एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान में 17 यात्री घायल, विमान में ट्रिपल हाइड्रोलिक फेलियर और ऑटो-पायलट डिस्कनेक्ट

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच,।

एअर इंडिया की 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही उड़ान एआई-2379 में 17 लोगों के घायल होने की घटना को लेकर नई जानकारी सामने आई है। विमान को सिर्फ टर्बुलेंस का सामना नहीं करना पड़ा था, बल्कि उड़ान के दौरान कई तकनीकी समस्याएं भी आई थीं।

विमान में ट्रिपल हाइड्रोलिक फेलियर की समस्या सामने आई और ऑटो-पायलट मोड भी डिस्कनेक्ट हो गया था। सूत्रों के अनुसार, उड़ान के दौरान ऑटो-पायलट सिस्टम डिस्कनेक्ट होने के बाद सह-पायलट ने विमान का नियंत्रण मैन्युअल तरीके से संभाला। इसी दौरान फ्लाइट कंट्रोल स्टॉल का संदेश आया और कुछ समय के लिए कई इंडिकेटर स्विच भी बंद हो गए। इसके अलावा विमान में कई तकनीकी और मैकेनिकल दिक्कतें भी सामने आईं।

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घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) ने शुरू कर दी है। मदद के लिए फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी बीईए और एयरबस की टीमें भी भारत पहुंच सकती हैं।

एयरलाइन पायलट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कैप्टन सैम थॉमस के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे ओडिशा के झारसुगुड़ा के पास एयरबस ए320 विमान का ट्रिपल हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हुआ था। इसके बाद मुख्य पायलट ने सह-पायलट को तुरंत विमान नीचे ले जाने को कहा। इस दौरान विमान अचानक करीब 300 मीटर नीचे आ गया।

अचानक हुई इस गिरावट से नेगेटिव जी-फोर्स बनी और विमान में सवार यात्री टकराकर घायल हो गए। हालांकि, पायलटों के इस फैसले से 137 यात्रियों और आठ क्रू सदस्यों की जान बचने की बात कही गई है। इसके बाद विमान करीब सात मिनट में दिल्ली पहुंच गया। घटना की पूरी तस्वीर कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के डाटा को डिकोड किए जाने के बाद साफ होगी।

घटना के बाद मुख्य पायलट के नशे में होने की बात भी सामने आई थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, मुख्य पायलट का नशे की पुष्टि करने वाला टेस्ट कराया गया था, क्योंकि शुरुआती जांच में नशे से संबंधित टेस्ट निगेटिव नहीं आया था। इससे यह सवाल उठा कि क्या घटना की जिम्मेदारी पायलट पर डालने की कोशिश हो रही है।

हालांकि, पायलटों के संगठन एएलपीए इंडिया ने इस पर अलग बात कही। संगठन के मुताबिक, डॉक्टर की पर्ची के बिना मिलने वाली कुछ दवाओं के इस्तेमाल से भी जांच रिपोर्ट सकारात्मक आ सकती है।

एअर इंडिया से जुड़े अहमदाबाद हादसे के बाद भी पायलटों को लेकर सवाल उठे थे। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग विमान उड़ान भरने के करीब 32 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। शुरुआती जांच के बाद भी पायलटों को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई थी। उस हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। उस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों तथा जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हुई थी और केवल एक यात्री के बचने की बात सामने आई थी।

अब फुकेट-दिल्ली उड़ान की घटना में भी जांच का केंद्र तकनीकी खराबियों और पायलटों के फैसले दोनों पर है। जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि ट्रिपल हाइड्रोलिक फेलियर, ऑटो-पायलट के डिस्कनेक्ट होने और फ्लाइट कंट्रोल स्टॉल के संदेश के बीच क्या संबंध था। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि विमान के अचानक 300 मीटर नीचे आने की स्थिति क्यों बनी और तकनीकी खराबियों के बीच पायलटों ने क्या कदम उठाए।

एएआईबी की जांच और विशेषज्ञ टीमों की मदद से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 17 लोगों के घायल होने की घटना में टर्बुलेंस और तकनीकी खराबियों की क्या-क्या भूमिका थी। फिलहाल घटना की सटीक तस्वीर कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के डाटा के डिकोड होने के बाद ही सामने आएगी।