बुलंद सोच, मुंबई।
मंगलवार को अभिनेता अमिताभ बच्चन ने एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने ‘अस्पताल में, एक सर्जरी के बाद और आईसीयू में, अनुभवी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखभाल में, फिर अस्पताल से छुट्टी और घर वापसी’ का जिक्र किया था। इस पोस्ट के सामने आने के बाद यह अनुमान लगाया जाने लगा था कि अमिताभ बच्चन सर्जरी के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं।
अब उन्होंने एक नए ब्लॉग में स्वयं यह स्पष्ट किया है कि न तो वह आईसीयू में थे और न ही उनकी कोई सर्जरी हुई है। उन्होंने बताया कि उनकी पोस्ट को गलत समझा गया। अमिताभ बच्चन ने अपने नए ब्लॉग में सफाई देते हुए लिखा है कि वह बिल्कुल ठीक हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी पोस्ट को गलत समझ लिया गया क्योंकि वह केवल एक उदाहरण दे रहे थे। उनका आशय यह था कि किसी बड़ी सर्जरी या आईसीयू में रहने के बाद सबसे मुश्किल समय तब शुरू होता है, जब व्यक्ति घर लौटता है और अपनी कमजोर या क्षतिग्रस्त स्थिति का सामना करता है।
अभिनेता ने आगे स्पष्ट किया कि ठीक उसी तरह, जब कोई चैंपियन हारता है, तो उसके लिए सबसे कठिन लड़ाई अपने भीतर चल रही भावनाओं से होती है। उनका इशारा अर्जेंटीना की हार और उस समय लियोनेल मेसी की मानसिक स्थिति की ओर था, जो एक ऐसे चैंपियन थे जिन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, लोगों ने यह मान लिया कि वह यह बात अपने बारे में कह रहे हैं।
उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा है कि हर चैंपियन को यह स्वीकार करना पड़ता है कि समय के साथ कोई और नया चैंपियन आएगा। किसी चैंपियन के लिए यह मानना आसान नहीं होता कि अब उसकी जगह किसी और ने ले ली है, लेकिन यही जिंदगी का नियम है और यह हमेशा होता रहेगा।
अमिताभ बच्चन ने आगे एक और उदाहरण देते हुए लिखा कि यदि किसी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़े, तो सर्जरी या इलाज के बाद बीमारी तो ठीक हो जाती है, लेकिन उसके बाद बदले हुए शरीर के साथ जीना और खुद को फिर से संभालना सबसे मुश्किल दौर होता है। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि इलाज के बाद शरीर पहले जैसा न रहे और उसके काम करने का तरीका बदल जाए। इस बदलाव को स्वीकार करना आसान नहीं होता, लेकिन शरीर खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढाल लेता है और फिर से काम करना सीखता है। उन्होंने इस स्थिति की तुलना हार चुके चैंपियन की मनःस्थिति से की।
किस पोस्ट से हुई थी गलतफहमी
गलतफहमी वाली पोस्ट अमिताभ बच्चन ने मंगलवार की आधी रात को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से की थी। इसमें उन्होंने लिखा था, ‘खेल समाप्त हो गया है, लेकिन काम चल रहा है।’ इसके कुछ देर बाद उन्होंने ब्लॉग में लिखा था, ‘अस्पताल में, एक सर्जरी के बाद और आईसीयू में, अनुभवी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की देखभाल में, फिर अस्पताल से छुट्टी और घर वापसी। यह घर वापसी का दौर सबसे मुश्किल होता है। शारीरिक रूप से, मानसिक रूप से और रोजमर्रा की जिंदगी के लिहाज से भी। आप एक सम्मानित चैंपियन रहे हों और एक दिन हार आपके सामने खड़ी हो जाए। यह जिंदगी का सबसे कठिन दौर होता है।’

मई में भी अस्पताल में भर्ती होने की खबरें
गत 19 मई को पत्रकार विक्की ललवानी ने अपने यूट्यूब चैनल पर दावा किया था कि अमिताभ बच्चन को मुंबई के नानावटी अस्पताल में 16 मई को भर्ती करवाया गया है। हालांकि, दैनिक भास्कर ने खबर की पुष्टि के लिए परिवार के करीबी सूत्र से संपर्क किया तो सामने आया कि अमिताभ बच्चन को 16 मई को रूटीन चेकअप के लिए नानावटी अस्पताल ले जाया गया था। वह हर महीने रूटीन चेकअप करवाते रहते हैं और इसके तुरंत बाद वह घर लौट आए थे। इन खबरों के बीच, अमिताभ बच्चन ने 20 मई को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से ‘पिलोरी बड़ुंबा’ जैसे अजीबोगरीब शब्दों के साथ एक पोस्ट की थी।
अमिताभ बच्चन का 75% लिवर खराब
अमिताभ बच्चन 83 वर्ष के हैं और उनका 75% लिवर खराब है, जिससे वह केवल 25% लिवर पर ही जीवित हैं।

फिल्म ‘कुली’ के सेट पर हादसा
वर्ष 1982 में 26 जुलाई को अमिताभ बच्चन फिल्म ‘कुली’ के लिए एक एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग कर रहे थे। शॉट की मांग के अनुसार, पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। यह काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए इसे खुद शूट किया।
मुक्का तेज लगा, जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। उस समय खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से अमिताभ बच्चन का बुरा हाल था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। अमिताभ ने पेन किलर के सहारे दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया।
अस्पताल में अमिताभ बच्चन का एक्स-रे हुआ, लेकिन फिर भी सही कारण पता नहीं चल सका। कई टेस्ट हुए, लेकिन चोट का पता न चलने के कारण इलाज कैसे होता, यह स्पष्ट नहीं था। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुआ तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर उसे बारीकी से जांचा। जांच में एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिखी, जो लीकेज का संकेत थी।
दरअसल, चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने के कारण इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने-माने सर्जन एच. एस. भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 डिग्री बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई।
ऑपरेशन हुआ तो देखा गया कि अंदर से आंतें फट चुकी थीं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वह चार दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन अमिताभ बच्चन कोमा में चले गए। इसके बाद उनके दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें अस्पताल में रखा गया।
