बुलंद सोच, बालाघाट।
सीआरपीएफ के जवान विष्णु बघेल असम में हुई गोलीबारी की घटना में वीरगति को प्राप्त हो गए। वे बालाघाट जिले के परसवाड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम भीकेवाड़ा (शेरपार) के निवासी थे।
विष्णु बघेल (44) श्रीराम बघेल के इकलौते पुत्र थे और सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन में पदस्थ थे। उनके बलिदान की खबर से पूरे गांव और जिले में शोक की लहर है।
यह दुखद घटना मंगलवार सुबह करीब सात बजे 34वीं बटालियन में हुई। गेट गार्ड ड्यूटी पर तैनात एएसआई बलानी प्रेमावरम ने गार्ड रूम से इंसास राइफल उठाकर क्वार्टर गार्ड में अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
इस गोलीबारी में विष्णु बघेल के पेट में गोली लगी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, परंतु उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद आरोपित एएसआई बैरक पहुंचा, जहां उसने एक बार फिर गोलीबारी की। इस हमले में एसआई राम नवल सिंह यादव की मौके पर ही मौत हो गई।
इसी हमले में एएसआई माने गोबिंद के पैर में गोली लगने से वे घायल हो गए। बाद में, आरोपी एएसआई ने उसी राइफल से स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
बलिदान हुए विष्णु बघेल के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे लंबे समय से सीआरपीएफ में देश सेवा कर रहे थे।
उनके पैतृक गांव भीकेवाड़ा (शेरपार), बालाघाट में मातम का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
विष्णु बघेल का पार्थिव शरीर आज बुधवार को उनके पैतृक गांव भीकेवाड़ा (शेरपार) बालाघाट लाया जाएगा।
देश की सेवा करते हुए बलिदान हुए विष्णु बघेल को पूरा बालाघाट नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को हमेशा याद रखा जाएगा।

