बुलंद सोच, परसवाड़ा।
असम के नागांव जिले के कटिमारी स्थित 34वीं बटालियन सीआरपीएफ कैंप में मंगलवार को हुई गोलीबारी में जान गंवाने वाले जिले के प्रधान आरक्षक विष्णु बघेल का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके गृह ग्राम परसवाड़ा लाया गया। सीआरपीएफ के विशेष वाहन से तिरंगे में लिपटा उनका ताबूत गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया, जहां परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। पूरा इलाका ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, विष्णु तेरा नाम रहेगा’ के नारों से गूंज उठा। शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक मधु भगत, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत परसवाड़ा स्थित शेरपार रोड शक्ति घाट पर सीआरपीएफ के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
क्या था मामला
यह घटना असम के कटिमारी स्थित सीआरपीएफ कैंप में घटित हुई थी, जहां पदस्थ एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने अचानक गार्ड रूम से इंसास राइफल लेकर बैरक और क्वार्टर गार्ड की ओर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी थी। इस दुखद घटना में एसआई रामनवाल सिंह यादव और हेड कांस्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल को गोली लगने से मौत हो गई। गोलीबारी के बाद आरोपी एएसआई ने स्वयं को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

