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बरगी क्रूज हादसे की जांच कर रहे आयोग ने मलबा संरक्षित कराया

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

बरगी डैम क्रूज हादसे की जांच कर रहे एकल सदस्यीय आयोग ने क्रूज के मलबे को जांच का अहम आधार मानते हुए उसे संरक्षित करा दिया है। हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता वाले आयोग ने विहित प्रावधानों के तहत मलबे को प्रोटेक्ट कराया है ताकि हादसे की परिस्थितियों और उसके कारणों की पड़ताल में यह महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में उपलब्ध रहे।

आयोग मलबे की स्थिति और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं को भी जांच के दायरे में रख रहा है।

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बयान दर्ज करने की प्रक्रिया

मलबे को सुरक्षित कराने के साथ ही आयोग ने हादसे से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी है।

संबंधित अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और प्रभावितों के बयान लिए जा रहे हैं। बचाव कार्य से जुड़े लोगों से भी हादसे के दौरान की परिस्थितियों और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच का आधार

आयोग की जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि हादसे के बाद बरामद क्रूज का मलबा किस स्थिति में मिला। इससे क्रूज की संरचना, क्षति की प्रकृति और हादसे के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ मलबे से मिलने वाले तथ्यों का मिलान कर आयोग हादसे की पूरी कड़ी जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

आयोग समानांतर रूप से प्रत्यक्षदर्शियों और प्रभावित लोगों के बयानों का दस्तावेजीकरण कर रहा है। संबंधित अधिकारियों से संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और बचाव अभियान से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली जा रही है।

इन बयानों को क्रूज के मलबे सहित उपलब्ध अन्य साक्ष्यों से मिलाकर हादसे के कारणों पर निष्कर्ष तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

अधिवक्ता और मंच की प्रतिक्रिया

जनहित याचिकाकर्ता अखिलेश मणि त्रिपाठी के वकील अधिवक्ता पंकज दुबे ने बताया कि उनके द्वारा समय-समय पर अंतरिम आवेदन पेश किए गए, जिसके परिणामस्वरूप एकल जांच आयोग गंभीरता से अपनी जांच को गति दे रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही न्यायपूर्ण और बेहतर परिणाम सामने आएगा।

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष पीजी नाजपांडे ने कहा कि बरगी डैम क्रूज हादसे का दर्द अभी कम नहीं हुआ है, इसलिए मंच की ओर से समय-समय पर आपत्ति दर्ज कराई गई। उन्होंने बताया कि चेयरमैन न्यायमूर्ति द्विवेदी ने बारिश के पानी में बहकर डैम में समाने से पहले मलबे जैसे मुख्य सबूत को संरक्षित करा दिया है, जिसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। नाजपांडे ने यह भी कहा कि उनकी जांच सही दिशा में गतिमान है।