बुलंद सोच, धार।

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद से संबंधित मस्जिद पक्ष की अंतरिम याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी।
इसके परिणामस्वरूप, सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित अंतरिम व्यवस्था के तहत इस शुक्रवार को भी दोपहर एक से तीन बजे के बीच भोजशाला के पीछे स्थित खसरा संख्या- 612 की भूमि पर ही नमाज अदा की जाएगी।
जिला प्रशासन ने इसके लिए सुरक्षा, आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को हुई सुनवाई में इस मामले को अतिसंवेदनशील बताया था।
अदालत ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के 15 मई के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अंतिम निर्णय आने तक दोनों पक्षों के अधिकारों को प्रभावित किए बिना, विवादित परिसर के निकट एक खुले स्थान पर शुक्रवार को दोपहर एक से तीन बजे के बीच नमाज की व्यवस्था की जाए।
अदालत ने यह भी कहा था कि यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी होगी और अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
इसी आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला के पीछे स्थित खसरा संख्या- 612 वाली जमीन को नमाज स्थल के रूप में चिह्नित किया था।
पिछले शुक्रवार को पहली बार इसी स्थान पर नमाज अदा की गई थी।
गुरुवार को सुनवाई न होने के कारण यही अंतरिम व्यवस्था इस सप्ताह भी प्रभावी रहेगी।
प्रशासन ने गुरुवार को पुनः इसी भूमि का निरीक्षण किया और सुरक्षा, पहुंच मार्ग तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
ज्ञात हो कि 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने अपने निर्णय में भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना था।
मस्जिद पक्ष की याचिका पर 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने वैकल्पिक नमाज स्थल की अंतरिम व्यवस्था प्रदान की थी।
राष्ट्रीय सम्मान
धार स्थित भोजशाला को राष्ट्रीय सम्मान मिलेगा, जिसके तहत एक स्मारक डाक टिकट जारी किया जाएगा। इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

