बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल के कटारा क्षेत्र में डेयरी संचालित करने वाले उपभोक्ता प्रज्ञानंद गायकवाड़ ने बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कंपनी के निर्देश पर स्वीकृत लोड बढ़वाने के लिए निर्धारित राशि जमा करने के करीब दस माह बाद भी लोड नहीं बढ़ाया गया है। इसके विपरीत, कंपनी की टीम अधिक लोड उपयोग करने के नाम पर लगातार चालानी कार्रवाई कर रही है।
प्रज्ञानंद के अनुसार, वर्ष 2025 में बिजली कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि उनकी दुकान का बिजली लोड अधिक है और स्वीकृत लोड बढ़ाना आवश्यक है। इसके बाद उन्होंने 29 नवंबर 2025 को लोड बढ़ाने की प्रक्रिया के लिए कंपनी कार्यालय में 15,043 रुपये जमा किए थे। उनका कहना है कि राशि जमा करने के बावजूद आज तक लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित बिजली कार्यालय में अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों से संपर्क किया है। हर बार उन्हें दो-तीन दिन में लोड बढ़ाने का आश्वासन दिया गया। कभी आईटी विभाग की तकनीकी समस्या तो कभी अन्य तकनीकी कारण बताकर मामले को टाल दिया गया।
प्रज्ञानंद के अनुसार, 8 अगस्त को जूनियर इंजीनियर मिथुन मेश्राम टीम के साथ उनकी दुकान पहुंचे और चालानी कार्रवाई की। उन्होंने अधिकारियों को पहले से जमा राशि और लंबित लोड वृद्धि की जानकारी भी दी थी।
उपभोक्ता का सवाल है कि जब उन्होंने कंपनी के निर्देश पर निर्धारित राशि समय पर जमा कर दी और लोड बढ़ाने की जिम्मेदारी कंपनी की है, तो विभागीय तकनीकी खामी के लिए उन्हें जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने इस मामले की जांच, तत्काल लोड बढ़ाने और अनुचित चालानी कार्रवाई से राहत की मांग की है।

