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2026-08-06

भोपाल के पहले सरकारी हम्माम सेंटर का काम रुका, PWD की सुस्ती से लागत बढ़ने की संभावना

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल के कलियासोत की पहाड़ी पर स्थित हकीम सैयद जियाउल हसन शासकीय स्वशासी यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में देश का पहला अत्याधुनिक सरकारी हम्माम सेंटर बनाया जाना है। इसके लिए कॉलेज कैंपस में 3,000 वर्गफीट जमीन पहले ही आरक्षित कर दी गई है। यह सेंटर यूनानी पद्धति से मरीजों के इलाज और शरीर को विषैले तत्वों से मुक्त करने यानी बॉडी डिटाक्स के लिए विशेष होगा। हालांकि, चार साल पहले घोषित यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सुस्ती के कारण अभी कागजों में ही अटका हुआ है।

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डीपीआर में बाधा और लागत वृद्धि

पीडब्ल्यूडी ने अब तक प्रोजेक्ट की डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके कॉलेज प्रबंधन को नहीं सौंपी है। डीपीआर के बिना टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सकता। कॉलेज सूत्रों के अनुसार, हम्माम के निर्माण और उपकरणों के लिए शुरुआती बजट तीन करोड़ रुपये तय किया गया था। समय पर डीपीआर न बनने और देरी के कारण अब लागत बढ़ने की पूरी संभावना है।

हम्माम सेंटर की चिकित्सा प्रणाली

यूनानी कॉलेज में बनने वाले इस हम्माम में गंभीर बीमारियों के मरीजों को वैज्ञानिक और यूनानी चिकित्सा के तहत इलाज मिलेगा। प्रोजेक्ट की तकनीकी रूपरेखा तैयार करने वाले रीडर डॉ. महफूज उर रहमान ने बताया कि पूरी प्रक्रिया 90 मिनट में पूरी होगी और इसके लिए तीन अलग-अलग तापमान वाले कमरे बनाए जाएंगे। पहला कमरा ‘कंफर्ट जोन’ होगा, जिसका आकार 14×14 स्क्वायर फीट और दीवारें नौ इंच मोटी होंगी। इसका तापमान 22 से 24 डिग्री होगा, जहां मरीज को 10-15 मिनट बैठाया जाएगा ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो सके। दूसरा कमरा ‘गर्म जोन’ होगा, जिसका आकार 10×12 स्क्वायर फीट और तापमान 36.5 से 38 डिग्री होगा। यहां मरीज को पसीना लाने के लिए 5-10 मिनट रखा जाएगा। तीसरा कमरा ‘मुख्य थेरेपी रूम’ होगा, जिसका आकार 450 से 600 स्क्वायर फीट और दीवारें 24 इंच मोटी होंगी। इस कमरे का तापमान 42 से 47 डिग्री और गर्म पानी का तापमान 40 से 45 डिग्री होगा। इसमें तीन टेम्पररी चेंबर होंगे जहां तीन मरीजों का इलाज एक साथ तीन सहायकों की देखरेख में होगा।

नियुक्ति संबंधी नियम

चिकित्सा शिक्षक का नाम केवल कागजों में पाया गया तो वे तीन वर्ष तक नौकरी नहीं कर पाएंगे।

गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा

अंतिम कमरा गुंबद आकार का होगा, जिसमें छोटे-छोटे खुलने-बंद होने वाले कांच और विशेष चित्रकारी होगी, ताकि इलाज के दौरान मरीज मानसिक रूप से शांत रह सकें। पानी को गर्म करने के लिए एलपीजी गैस का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि करंट का खतरा न रहे। कमरों के नीचे तांबे की प्लेट लगेगी और भाप के सही प्रवाह के लिए दीवारों में ऊपर से नीचे तक कापर पाइप बिछाए जाएंगे। फर्श पर थर्मारेजिस्ट्रेंट टाइल्स और दीवारों में थर्मारेजिस्ट्रेंट ब्रिक्स लगेंगी ताकि गर्मी और कंप्रेशन को झेला जा सके। हम्माम सेंटर बनने से मरीजों को प्राकृतिक तरीके से शरीर डिटाक्स और पुरानी बीमारियों से राहत का नया विकल्प मिलेगा। यह देश के किसी सरकारी यूनानी कॉलेज में पहली सुविधा होगी।

प्राचार्य का बयान

यूनानी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. महबूबा बेगम ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा गया है और डीपीआर मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कराया जाएगा।